शिक्षण सत्र शुरू हुए 4 माह बीते , विद्यार्थियों को अब तक नहीं मिली गणवेश

शिक्षण सत्र शुरू हुए 4 माह बीते , विद्यार्थियों को अब तक नहीं मिली गणवेश

Sanjeev Dubey | Publish: Sep, 13 2018 11:42:51 AM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

प्राथमिक माध्यमिक शालाओं के बच्चों को गणवेश का इंतजार

खिरकिया. शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को अभी तक गणवेश उपलब्ध नहीं हो सकी है। गणवेश प्रक्रियाओं में लेटलतीफी के चलते विद्यार्थियों को गणवेश के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। विभाग द्वारा पूर्व में 15 अगस्त तक गणवेश वितरण कार्य पूर्ण करने का दावा किया गया था। लेकिन स्वतंत्रता दिवस को लगभग एक माह बीतने के बाद भी गणवेश वितरण का कार्य शुरू नहीं हो सका है। जानकारी के मुताबिक हरदा जिला ही नहीं बल्कि समूचे प्रदेश में यह स्थिति बनीं हुई है।
राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में जिला शिक्षा केन्द्र के माध्यम से गणवेश वितरण कराया जाता है। लेकिन इसमें देरी होने के कारण अभी भी बच्चे रंग बिरेंगे पोशाक पहनकर स्कूल पहुंच रहे है। जिले की समस्त प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओ में बच्चों को गणवेश उपलब्ध कराने के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा पत्र क्र/राशिके/प्रोत्साहन/ 2018 / 446 1 भोपाल जिला शिक्षा केन्द्र को 13 जुलाई को आदेश जारी किया गया था। इसमें 30 जुलाई तक गणवेष वितरण की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। लेकिन अभी तक प्रक्रिया पूर्ण नहींं हो सकी है। विकासखंड में 18 9 प्राथमिक एवं 97 माध्यमिक शालाएं संचालित हो रही है। वर्तमान में प्राथमिक शालाओ में 11 हजार 49 एवं माध्यमिक शाला में 718 2 विद्यार्थी है। कुल 18 हजार 231 विद्यार्थियों को गणवेश का वितरण होना है।

राशि निकालने के लिए लाइन में लग रहे विद्यार्थी -
माध्यमिक शालाओं में शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को गणवेश के लिए उनके खातों में राशि डाली गई है, लेकिन अभी माध्यमिक शालाओं में 70 प्रतिशत बच्चों के पास गणवेश नहीं है। विद्यालयों द्वारा जैसे तैसे खातों का संकलन कर गणवेश की राशि उनके खातों में तो डाल दी गई है, लेकिन उसे निकालने के लिए विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ रहा है। स्कूलों में पढ़ाई छोड़कर विद्यार्थियों को राशि निकालने के लिए शहर आना पड़ रहा है। उनके साथ पालक भी परेशान हो रहे है। बैंकों की लाइन में लगे बच्चों को देखा जा सकता है। विद्यार्थियों को गणवेश के लिए पहले ४०० रुपए मिलते थे। लेकिन इस वर्ष से २०० रुपए बढ़ाकर 6 00 रूपए कर दिए गए है। इसमें से उनकी कुछ राशि तो किराया व अन्य खर्च में ही कम हो जाती है। जिससे गणवेश खरीदने के लिए पालकों को अपने पास से भी राशि खर्च करना पड़ता है।

प्राथमिक शालाओं में अब तक नहीं पहुंची गणवेश-
शासन के निर्देशानुसार प्राथमिक शालाओं में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को मप्र डे राज्य ग्रामीण अजीविका मिशन के तहत कुशल स्व सहायता समूहों व संगठनों द्वारा तैयार गणवेश दी जाना है। इसके बाद उनका वितरण किया जाना है। लेकिन अभी एक भी प्राथमिक शाला में गणवेश नहीं पहुंच सकी है। विद्यार्थियों को गणवेश के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वर्तमान में शैक्षणिक सत्र को करीब 4 माह बीत चुके है, लेकिन विद्यार्थियों को अब तक गणवेश का इंतजार है।

इनका कहना है
शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को अभी तक गणवेश नहीं मिलने की जानकारी पत्रिका से मिल रही है। विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी। विद्यार्थियो को शीघ्र गणवेश उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाएंगे।
वीपी यादव, एसडीएम, खिरकिया

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