डिस्चार्ज बढऩे से बहाव तेज हुआ, जिले की नहरों में सिंचाई के लिए पानी पहुंचा

- तवा बांध से 300 क्यूसेक से शुरुआत के बाद 1000 क्यूसेक किया, आज और बढ़ेगा पानी
- पहले से ही तैयार बैठे किसानों ने ग्रीष्मकालीन मूंग की बोवनी शुरू की

By: gurudatt rajvaidya

Published: 06 Apr 2020, 08:04 AM IST

हरदा। तवा बांध से दो दिन पहले छोड़ा गया पानी रविवार दोपहर तक जिले में पहुंच गया। बांध से डिस्चार्ज बढऩे से नहर के बहाव में तेजी आई है। यह खबर लगने के बाद पहले से ही तैयारी में बैठे किसानों ने ग्रीष्मकालीन मूंग की बुवाई शुरू कर दी। जिले के 25000 हेक्टेयर में नहर के पानी से मूंग फसल में सिंचाई होगी। जल संसाधन विभाग के मुताबिक बांध से लगातार पानी बढ़ाया जा रहा है। इससे टेल क्षेत्र तक आसानी से पानी जाएगा।
ज्ञात हो कि लॉकडाउन के दौरान नहर में पानी छोड़े जाने को लेकर असमंजस था। जनप्रतिनिधियों के प्रयास से यह संभव हो सका और 3 अप्रैल को बांध से 300 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बाद में इसकी मात्रा और बढ़ाई गई। विभाग के हरदा संभाग कार्यपालन यंत्री राकेश दीक्षित ने बताया कि रविवार शाम को चेन क्रमांक 3008 पर 852 क्यूसेक पानी मिला। इसमें से लेफ्ट ब्रांच केनाल (एलबीसी) में 456 तथा हंडिया ब्रांच केनाल (एचबीसी) में 396 क्यूसेक पानी दिया गया। बांध से डिस्चार्ज लगातार बढ़ाया जा रहा है। हरदा संभाग ने 700 क्यूसेक तथा टिमरनी संभाग ने 1050 क्यूसेक की मांग की है। सोमवार तक बांध से डिस्चार्ज लेवल 1500 क्यूसेक किया जाएगा। इसे बढ़ाते हुए 2200 क्यूसेक पर ले जाया जाएगा, ताकि टेल के किसानों को आसानी से पानी मिल सके।
विधायक ने वितरण केंद्र पहुंचकर पूजन अर्चन किया
हरदा विधायक कमल पटेल, टिमरनी विधायक संजय शाह व भाजपा जिलाध्यक्ष अमरसिंह मीणा ने रविवार शाम एलबीसी और एचबीसी के वितरण केंद्र उंद्राकच्छ पहुंचकर पूजन अर्चन किया। इसके बाद दोनों नहरों में पानी छोड़ा गया। इस दौरान विधायक ने किसानों से लॉकडाउन का पालन करते हुए 1 मीटर की सामाजिक दूरी बनाते हुए कृषि कार्य करने की अपील की।
भाकिसं ने लाइनिंग व बॉक्स का कार्य बंद कर पानी देने की मांग की
खिरकिया। ब्लाक के नहर से सिंचित क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती के लिए पानी की मांग तेज हो रही है। ज्ञात हो कि विभाग द्वारा माचक उपनहर के हेड पर बॉक्स एवं लाइनिंग के बचे कार्य को पूरा करने को कारण बताते हुए पानी देने से इंकार किया है। वहीं किसान इस कार्य को बंद कर मूंग की खेती के लिए पानी छोडऩे की मांग कर रहे हैं। भारतीय किसान संघ के तहसील मंत्री रूपसिंह राजूपत के मुताबिक तहसील अध्यक्ष कैलाश गुर्जर द्वारा सिंचाई विभाग के अधिकारियों से इस मुद्दे पर चर्चा कर मांग रखी कि लॉकडाउन के मद्देनजर लाइनिंग कार्य अगले वर्ष किया जाए। पिछले वर्ष अतिवृष्टि के चलते किसानों की सोयाबीन फसल प्रभावित हुई है। जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति ठीक नही है। अत: माचक उपनहर से जुड़े किसानों को सिंचाई का पानी दिया जाए। इधर, विभाग बॉक्स निर्माण को जरूरी बता रहा है। हरदा संभाग के कार्यपालन यंत्री राकेश दीक्षित के मुताबिक एलबीसी पर जहां से उपनहर शुरू होती है वहां बारिश में हर साल बड़े स्तर पर मिट्टी का कटाव होता है। रबी सीजन की शुरुआत में यहां सफाई कार्य में समय और धन अधिक खर्च होता है। विभाग ने चेन क्रमांक 0 से 26 तथा 48 से 60 तक बॉक्स का कार्य शुरू कराया है। 1800 मीटर कार्य में से 660 मीटर पहले हो चुका। बचे 1140 मीटर में 6 करोड़ की लागत से कार्य कराया जा रहा हैै। लॉकडाउन के नियमों का पालन कर वर्षाकाल से पहले इसे पूर्ण कराया जाएगा, ताकि माचक उपनहर के टेल क्षेत्र तक तेजी से पानी पहुंचे।

gurudatt rajvaidya Bureau Incharge
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