टंकियों का निर्माण तो हुआ, पानी नहीं भरा रहा, पाइपलाइन बिछाने के प्रस्ताव स्वीकृति मिलने की राह ताक रहे

- शहर में बनी तीन नई टंकियों तक लाइन बिछाने और उनसे सप्लाई देने का काम लंबे समय से अटका

By: gurudatt rajvaidya

Published: 25 Aug 2020, 08:08 AM IST

हरदा। शहर में नगर पालिका द्वारा बनवाई गई तीन टंकियों का उपयोग लंबे समय बाद भी शुरू नहीं हो सका है। कहीं इन टंकियों को भरने की लाइन बिछने का काम अधूरा है तो कहीं टंकी से सप्लाई देने वाली लाइन नहीं बिछी। इसके चलते कई क्षेत्रों की पेयजल समस्या का समाधान नहीं हो सका है। नलों से पर्याप्त दबाव दे पानी नहीं मिलता। शहर के विवेकानंद कॉम्प्लेक्स में बनी पानी की टंकी को फिलहाल भरा नहीं जा रहा। यहां बने इंटकवेल में नेहरू कॉलोनी से अस्थाई रूप से निकली लाइन से भरा जा रहा है। इंटकवेल से ही कॉम्प्लेक्स के मकानों में सप्लाई दी जा रही। टंकी पर पानी चढऩा शुरू हो तो जिला अस्पताल और अवस्थी कंपाउण्ड क्षेत्र में इससे सप्लाई शुरू हो सकेगी। इसी तरह वार्ड क्रमांक 2 में टंकी तो बनकर तैयार है, लेकिन पाइपलाइन जोडऩे और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछाने का काम बाकी है। यही हाल खेड़ीपुरा में नदी किनारे बनी टंकी के हैं। यहां भी टंकी तो बन चुकी है, लेकिन लाइनों का नेटवर्क फिलहाल पूरा नहीं हो सका। लिहाजा लोगों को पर्याप्त दबाव से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है।
कहां क्या स्थिति
विवेकानंद कॉम्प्लेक्स
लाइन बिछा दी है। इससे अस्पताल व अवस्थी कम्पाउंड क्षेत्र में सप्लाई देने के लिए करीब साढ़े 4 लाख रुपए से अन्य कार्य होना बाकी है। इसकी तकनीकी स्वीकृति के प्रस्ताव अटके हैं।
सरकार कॉलोनी
वार्ड क्रमांक 2 सरकार कॉलोनी की टंकी में लाइन जोडऩा बाकी है। सप्लाई देने वाली लाइन से संबंधित साड़े 8 लाख रुपए के प्रस्ताव तकनीकी स्वीकृति के लिए अटका है। काम पूरा होने पर ईश्वरीय कुंज, गौर कॉलोनी आदि क्षेत्र को लाभ मिलेगा।
खेड़ीपुरा
खेड़ीपुरा में नदी किनारे बनी टंकी से राइजिंग व सप्लाई नेटवर्क का काम होना है। करीब साढ़े 14 लाख रुपए के प्रस्ताव तकनीकी स्वीकृति मिलने के इंतार में हैं। इसके पूरा होने पर बैरागढ़, नार्मदीय धर्मशाला क्षेत्र, वार्ड 4 जोशी मोहल्ला के लोगों को लाभ मिलेगा।
और इधर, रोड कटिंग चार्ज लिया जा रहा, सुधार नहीं किया जाता
शहर में 6455 नल कनेक्शन हैं। इनमें से 176 सार्वजनिक बताए जाते हैं। इनके खराब होने पर नगर पालिका द्वारा सुधार कार्य के लिए शुल्क लिया जाता है। डामर या सीमेंटीकृत रोड में तोडफ़ोड़ का चार्ज अलग से लिया जाता है। सुधार कार्य के बाद सामान्य रूप से गड्ढा भरा जाता है। वापस पहले जैसी स्थिति में नहीं लाया जाता। लिहाजा यहां से आवागमन बाधित होता है। कई बार वाहनों के पहिए इनमें धंस जाते हैं। जिसके चलते लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बताया जाता है कि नया नल कनेक्शन लगाने के दौरान भी यही प्रक्रिया अपनाई जाती है, लेकिन गड्ढे पूर्ण रूप से नहीं भरे जाते।
अवैध नल कनेक्शनों का हो रहा सर्वे
परिषद में लिए गए निर्णय के अनुसार नगर पालिका द्वारा अवैध नल कनेक्शनों का सर्वे भी कराया जा रहा है। परिषद में इनकी संख्या करीब 500 बताई गई थी। वास्तविक आंकड़ा जानने के लिए सर्वे किया जा रहा है। परिषद के निर्णय अनुसार इन्हें वैध कराने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद जुर्माने की कार्रवाई होगी।
इनका कहना है
शहर की तीन टंकियों को भरने और डिस्ट्रीब्यून करने को लेकर कार्य अधूरा है। इनके प्रस्ताव तकनीकी स्वीकृति के लिए लंबित है। जल्द ही इसे पूर्ण किया जाएगा। अवैध नल कनेक्शनों संबंधित सर्वे भी कराया जा रहा है। इन्हें वैध करने का मौका देंगे, इसके बाद जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
- एसके बोहरे, उप यंत्री, नगर पालिका हरदा।

gurudatt rajvaidya Bureau Incharge
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