कीचड़भरे रास्ते से निकलने को मजबूर ग्रामीण

झुंडगांव में पंचायत द्वारा सड़क का निर्माण नहीं कराने से ग्रामीण परेशान, शिकायतों पर पंचायत नहीं दे रही ध्यान

By: sanjeev dubey

Published: 19 Jan 2019, 07:00 AM IST

बालागांव. प्रदेश सरकार द्वारा निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं लेकिन बावजूद इसके कुछ ग्राम पंचायतों के छोटे गांव के ग्रामीण अभी भी विकास की राह देख रहे हैं। ऐसा ही एक मामला जनपद पंचायत हरदा की ग्राम पंचायत झाड़पा के ग्राम झुंडगांव का है।जहां पर ग्रामीणों को पंचायत मुख्यालय, स्कूली बच्चों को विद्यालय पहुंचने में कच्चे मार्ग का सहारा लेना पड़ता है और बारिश के दिनों में कीचड़ फांदकर पंचायत स्कूल पहुंचना किसी इम्तिहान देने से कम साबित नहीं होता, लेकिन मजबूरी बस ग्रामीणों को जैसे-तैसे कार्य करना पड़ता है।ग्रामीणों द्वारा कई बार ग्राम पंचायत को अवगत कराया गया, किंतु पंचायत इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है।ग्रामीणों ने बताया कि झुंडगांव की ग्राम पंचायत झाड़पा हमारे ग्राम से महज 3 किलोमीटर दूरी पर है, लेकिन वर्तमान में तो रास्ता सूखा होने के कारण जैसे-तैसे विद्यालय या ग्राम पंचायत पहुंच जाते हैं, लेकिन बारिश के दौरान अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।उन्होंने बताया कि स्कूली बच्चे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मगरधा एवं हाईस्कूल झाड़पा में पढ़ाई करने के लिए जाते हैं। बारिश के दौरान कीचड़ होने के कारण बच्चों को परिजनों को अत्यधिक परेशानियां झेलना पड़ता है। कई दफा तो अधिक बारिश होने की बजह से रास्ता बंद भी हो जाता है, जिससे स्कूल से लौटते वक्त बच्चों को घर पहुंचने तक अंधेरा भी हो जाता है।पंचायत को यह समस्या अवगत होने के बाद भी इस ओर ध्यान न देते हुए हम ग्रामीणों के साथ शोषण कर रही है।उन्होंने बताया कि हाट बाजार भी मगरधा में लगता है वहां पहुंचने में भी परेशानियां होती हैं।

रास्ते में दलदल होने से तीन किलोमीटर का लग रहा चक्कर
मसनगांव. ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम गांगला की दूरी ग्राम से मात्र एक किलोमीटर है, लेकिन सीधे रास्ते में दो जगह खेतों का पानी निकलने से बने हुए दलदल के कारण ग्रामीणों को 3 किलोमीटर का फेरा लगाकर मसनगांव आना पड़ रहा है। वहीं हाईस्कूल में पढऩे वाले विद्यार्थियों को स्टेट हाइवे के रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। अधिकांश ग्रामवासी ग्राम की माध्यमिक शाला के पीछे से बने हुए रास्ते से डोलीघाट पर बने रपटे पर से होते हुए मसनगांव पंहुचते हैं। रास्ता खेतों के बीच बना होने से पंचायत की अनदेखी का शिकार बना हुआ है, जिसके कारण रास्ता कई सालों से खराब बना हुआ है।वहीं किसानों के खेतों का पानी रास्ते पर निकलने से जगह-जगह दलदल बनी हुई है।अधिकांश दो पहिया वाहन चालक गिरकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।वहीं चार पहिया वाहन निकलना बंद हो चुके हैं।सभी वाहन चालकों को गांगला बस स्टैंड पर से होकर मसनगांव आना पड़ रहा है, जिसकी दूरी 3 किलोमीटर से अधिक पड़ती है। ग्रामीणों ने इस संबंध में सरपंच योगेश पाटिल को से कई मर्तबा रास्ते को सुधारने की मांग की, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।ग्रामीणों को विगत 2 माह से फेरा लगाना पड़ रहा है।वहीं छात्र-छात्राओं की साइकिलें भी नहीं निकलने से उन्हें भी मुख्य मार्ग से आना पड़ता है।इस संबंध में पंचायत के सचिव दिनेश पंचोली का कहना है कि मार्ग का निर्माण गांव से गांव जोडऩे वाली योजना के अंतर्गत करवाया जाएगा। इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजेंगे। शासन द्वारा नई योजना के अंतर्गत गांव से गांव को जोडऩे के लिए ग्रेवल मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है, जिसके अंतर्गत गांव से गांगला को जोडऩे की कार्रवाई की करवाई जाएगी।

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