दस लाख की ऑनलाइन ठगी करने वाले गैंग में शामिल दो नाइजीरियन नागरिक पकड़ाए

- पुलिस ने 15 दिन की मशक्कत के बाद दिल्ली से किया गिरफ्तार
- न्यायालय ने दो दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा

By: gurudatt rajvaidya

Published: 20 Jul 2020, 08:03 AM IST

हरदा। आरबीआई के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर 10 लाख रुपए की ठगी करने वाले दो नाइजीरियन युवकों को पुलिस ने दिल्ली के हौजखास से गिरफ्तार किया है। अंतरराष्ट्रीय गैंग में शामिल इन आरोपियों ने जिले के कड़ौला उबारी निवासी एक युवक से अलग-अलग बैंक खातों में यह राशि जमा कराई थी। पुलिस ने रविवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगा।
पुलिस कंट्रोल रूम में रविवार शाम आयोजित पत्रकार वार्ता में एसपी मनीष कुमार अग्रवाल ने बताया कि डेटिंग डॉट कॉम साइट पर फरियादी आनंद जाट की पहचान सुनीता विलियम्स नामक महिला से हुई थी। आनंद और उक्त महिला के बीच चैटिंग हुई। खुद को यूके में रहने का बताकर महिला ने आनंद से कहा कि वह इंडिया आई है। पैसे न होने से एयरपोर्ट पर फंसी है। इस बीच उसने अपनी ओर से कई फेक मैसेज भी किए। उसने रुपए ट्रांसफर कराने के लिए आरबीआई (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) का लिंक रजिस्टर्ड करने को कहा। तभी से अलग-अलग खातों में रुपए ट्रांसफर किए गए। आरोपी सिजीओके प्रोमाइस (२८) निवासी राजपुर खुर्द दिल्ली तथा उचेन्ना एमेन्युअल (४५) निवासी मैदान गरही नई दिल्ली को बैंक फुटेज व पासपोर्ट से पहचान करने के बाद गिरफ्तार किया गया। उनके पास 35 हजार रुपए नकद प्राप्त हुए हैं। विस्तृत पूछताछ के लिए कोर्ट से उनका दो दिन का रिमांड लिया गया है।
जिनके अकाउंट उन्हें भी मिलती है राशि
एसपी अग्रवाल ने बताया कि अंतराष्ट्रीय गैंग में कई लोग शामिल हैं। यह जिनके अकाउंट का उपयोग रुपए ट्रांसफर करने के लिए करते हैं उन्हें भी 5 प्रतिशत कमीशन दिया जाता है। हालांकि पुलिस के हाथ फिलहाल ऐसे लोग नहीं लगे हैं। रविवार को इनमें से एक आरोपी के मोबाइल पर 2 लाख ६२ हजार और २ लाख २० हजार रुपए के लेनदेन के मैसेज मिले।
पंद्रह दिन दिल्ली में रही पुलिस टीम
सिविल लाइन थाना में यह प्रकरण 30 मई को दर्ज हुआ था। लॉकडाउन की वजह से इस दौरान पुलिस की साइबर सेल केवल बैंकों में रुपए ट्रांसफर होने, चैटिंग आदि बिंदुओं पर ही जांच करते रही। अनलॉक होने के बाद हंडिया थाना प्रभारी सीएस सरियाम के नेतृत्व में एसआई तरुण सिंह चौहान, एएसआई मनोज दुबे, आरक्षक तुषार धनगर, शैलेंद्र सिंह परमार एवं सजन सिंह ठाकुर दिल्ली रवाना हुए। वहीं सायबर सेल के आरक्षक प्रमोद, कमलेश, मनोज एवं मयंक की टीम से उन्होंने गैंग की गतिविधियों पर नजर रखी। पंद्रह दिन दिल्ली में डेरा जमाने के बाद पुलिस ने दोनों नाइजीरियन युवकों को दबोचा।
पुस्तक छापने के बहाने झांसे में लिया
फरियादी आनंद जाट ने पत्रिका को बताया कि वे अर्थशास्त्र में विशेष रुचि रखते हैं। उन्होंने इस विषय पर लिखा भी है। गैंग में शामिल लोगों ने उन्हें पुस्तक छापने के नाम पर झांसे में लिया था। अस्थाई रूप से इंदौर में रहने के दौरान वे गैंग के संपर्क में आए। आरोपियों को उनका मोबाइल नंबर कहां से मिला यह वे नहीं जानते। इस दौरान गैंग की ओर से उन्हें आरपीआई की कॉपी वेबसाइट पर डिजीटल फॉर्म भरने को कहा गया था। इसमें करंसी दिखाने से वे गड़बड़ी को समझ नहीं सके। इस दौरान उनसे भारतीय मुद्रा के कन्वर्जन चार्ज के नाम पर पेमेंट मांगा गया। ऐसे चार्ज मांगे जो भारत में नहीं लगते। जाट ने वित्त मंत्रालय की वेबसाइट पर देखा तो पता चला ऐसा कोई कर नहीं लगता। तब तक वे अलग-अलग खातों में करीब 10 लाख रुपए डाल चुके थे। जाट ने बताया कि इस अंतराष्ट्रीय गैंग में भारत के अलावा अन्य देशों के लोग भी शामिल हैं। आरोपियों के खातों में लाखों रुपए का ट्रांजेक्शन होता है। ये अलग-अलग तरीके से लोगों को फंसाते हैं।
तीन दिन पहले रखा था दस हजार का इनाम
ज्ञात हो कि एसपी अग्रवाल ने तीन दिन पहले आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की थी। शिकायत पत्र एवं बैंक से संबंधित दस्तावेजों का अवलोकन करने पर पुलिस ने संगीता कपूर, सुनीता विलियम्स, तबलाशुम जहान, चुबांगसुम पोगेन, ग्रेस कोचोखे, हेम नारायण, सुनील कुमार, इरफान तथा श्रीकृष्णा को आरोपी बनाया था।

gurudatt rajvaidya Bureau Incharge
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