जिलेभर के दफ्तरों में खालीं रहीं कुर्सियां, यह है कारण

कार्यालयों में छाया रहा सन्नाटा, मांगों का निराकरण नहीं होने पर जिले के तीनों ब्लाकों में कर्मचारियों ने काम बंद किया

By: sanjeev dubey

Published: 24 Jul 2018, 09:00 AM IST

हरदा. मप्र लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ एवं राजस्व कर्मचारी संघ के प्रांतीय आव्हान पर जिले के समस्त विभागों में पदस्थ लिपिकों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। इसके चलते कलेक्ट्रेट सहित अन्य जगहों पर स्थित विभागों में सन्नाटा पसरा रहा। अलग-अलग विभागों में जरुरी ेकामों के लिए आए लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। वहीं कई लोग दूसरे अधिकारी, कर्मचारियों से काम के लिए हाथ जोड़ते नजर आए, लेकिन उन्होंने लिपिकों से ही काम होने का कहकर लौटा दिया। किसानों से लेकर आम लोगों को अपने कामों के लिए परेशान होना पड़ा। जब तक हड़ताल समाप्त नहीं होगी तब तक लोगों को अपने कामों को लेकर भटकना पड़ेगा।

दफ्तरों में खाली पड़ी कुर्सियां
जिला कार्यालय से लेकर जिले के तीनों ब्लाकों में स्थित शासकीय कार्यालयों में पदस्थ लगभग २०० लिपिकों ने काम बंद करके हड़ताल में शामिल हो गए हैं। इसकी वजह से दफ्तर तो खुले हुए हैं, लेकिन कुर्सियां खाली पड़ी हुई हैं। कलेक्ट्रेट के राजस्व विभाग में जहां किसान खसरा किश्तबंदी नकल, न्यायालयीन प्रकरणों को लेकर परेशान हुए। वहीं ट्रेजरी विभाग में वेतन संबंधी कार्य रूके। आदिम जाति कल्याण विभाग में योजनाओं के काम अटका। महिला बाल विकास विभाग में कार्यालयीन कार्य। शिक्षा विभाग में स्थानांतरण प्रमाण पत्र, लेखा संबंधी कार्य प्रभावित हुए। कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग सहित ४० विभागों में काम नहीं हुए।

सरकार कर रही है भेदभाव
गत 29 मई की केबिनेट की बैठक हुई थी, जिसमें 46 संवर्गों का ग्रेड पे बढ़ाया गया, किंतु लंबे समय से लिपिकों द्वारा की जा रही मांग की तरफ सरकार ने ध्यान नहीं दिया। यह सरकार का हमारे साथ सौतेला बर्ताव है। लेकिन अब प्रदेश के लिपिक अपना अधिकार लेकर ही रहेंगे। यह आरोप जिलाध्यक्ष संतोष शुक्ला ने कलेक्ट्रेट के पास धरना स्थल पर कही। उन्होंने कहा कि खुद सरकार के द्वारा बनाई गई रमेशचंद्र शर्मा समिति की अनुशंसाएं लागू नहीं की जा रही हैं। इसके अलावा वेतन विसंगति की मांग को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। सरकार के भेदभावपूर्णरवैए से नाराज होकर प्रदेश के लगभग २३ हजार लिपिकों ने अपने अधिकार के लिए अनिश्चिकालीन आंदोलन शुरू किया है। जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानेगी तब तक उनका विरोध प्रतिदिन चलता रहेगा।

किसानों की मांगों को लेकर भाकिसं ने दिया धरना
शासन-प्रशासन की हठधर्मिता से नाराज किसानों ने सोमवार को भारतीय किसान संघ के बैनरतले शहर के वीर तेजाजी चौक पर धरना दिया। भाकिसं जिलाध्यक्ष आनंद राम किरार, जिला मंत्री भगवानदास गौर ने बताया कि इस वर्ष ग्रीष्मकालीन मूंग के पंजीयन में जिला प्रशासन द्वारा भौतिक सत्यापन करने के बाद बिना किसी सूचना एवं बिना किसी आधार के किसानों के पंजीकृत रकबा में कटौती की गई, जिसमें शीघ्र सुधार किया जाए। जिले में जिन किसानों का पंजीयन नहीं हुआ है उनका पंजीयन करने, शासन द्वारा मूंग खरीदी की निर्धारित तारीख 30 जुलाई से आगे बढ़ाने, चना खरीदी में जिन किसानों के बिल नहीं बने हैं, उनके बिल बनाने तथा चना खरीदी का भुगतान शीघ्र करने सहित अन्य मांगें की गईं। संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह भांबू, शैतानसिंह राजपूत, महेश शर्मा हरिशंकर सारण, कैलाश जलावड़ा, रामकृष्ण मुकाती, राजनारायण गौर, राजेंद्र बांके आदि ने सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार का दिया।

दो दिनों तक भोपाल में अतिथि शिक्षक करेंगे आंदोलन
अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में २५ एवं २६ जुलाई को अब जिले के अतिथि शिक्षक भोपाल के शाहजनी पार्क में आंदोलन करेंगे। संघ के जिलाध्यक्ष सादिक खान ने बताया कि सरकार से अतिथि शिक्षकों की विभागीय पात्रता परीक्षा लेकर स्थायी शिक्षक बनाने, ऑनलाइन भर्ती बंद कर पूर्व से कार्यरत् अतिथि शिक्षकों को यथावत रखने और सीएम की घोषणा अनुसार वेतनवृद्धि करने की मांग को लेकर प्रदेशभर के शिक्षकों द्वारा आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन को लेकर 24 जुलाई को दोपहर 2 बजे से बलराम चौक के पास स्थित हनुमान मंदिर में बैठक आयोजित की जाएगी।

sanjeev dubey
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned