गांव के पांव- हाट बाजार बंद होने से सब्जियों की बिकवाली बंद, खेत में खराब हो रही

- बाजार उपलब्ध न होने से मवेशियों को सब्जी खिला रहे कई किसान

By: gurudatt rajvaidya

Published: 05 May 2020, 08:04 AM IST

ग्राम : भादूगांव (गंजाल)
आबादी : 3500
पंचायत : भादूगांव
तहसील : रहटगांव, जिला : हरदा
फोटो एचआर ०५०१ टेमागांव। खेत में खराब होती पत्ता गोभी की फसल।
फोटो एचआर ०५०२ टेमागांव। बिकवाली नहीं होने से मवेशियों को सब्जी खिला रहे किसान।
दुर्गेश गौर, टेमागांव। कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए चरणबद्ध बढ़ाए जा रहे लॉकडाउन ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को खासा प्रभावित किया है। यहां उत्पादित होने वाले अनाज के अलावा सब्जी और दूध की बिकवाली ज्यादा प्रभावित हो रही है। इसके चलते सब्जी उत्पादक किसान नकदी के संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीण 3 मई को लॉक डाउन खत्म होने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन सरकार ने इसे बढ़ाकर 17 मई कर दिया। इससे उन्हें अपने उत्पादक को आसानी से बाजार ले जाने के लिए 12 दिन का इंतजार और करना पड़ेगा। जिन किसानों ने सब्जी लगाई रखी है उन्हें आर्थिक नुकसान सहना पड़ रहा है। किसान सौरभ कुशवाहा ने बताया कि परिवहन के साधन न मिलने और हाट बाजार बंद होने से ऐसे किसान सब्जी नहीं बेच पा रहे हैं। कुछ मात्रा में गांव में ही सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। किसानों को सब्जी तोडऩा महंगा पड़ रहा है। इसके चलते ेये खराब होने लगी हैं। मजबूरी में इन्हें मवेशियों को खिलाना पड़ रहा है।
वस्तु विनिमय से चल रहा काम
नकदी के अभाव में गांव के किसान वस्तु विनिमय से जरूरी सामान जुटा रहे हैं। यानि किराना दुकानदार को कुछ मात्रा में अनाज देकर उतनी राशि का सामान खरीद लेते हैं। मूंग की फसल के लिए कीटनाशक या खरपतवार नाशक खरीदी के लिए उनके पास पैसों की कमी है।
संक्रमण से बचने प्रभावी उपाय अपनाए जा रहे
इन सब के बीच ग्रामीण जागरुकता का परिचय भी दे रहे हैं। व्यापारी नवनीत जैन ने बताया कि किराना दुकान के सामने पानी और साबुन रखा गया है, ताकि यहां पहुंचने वाले ग्राहक अपने हाथ साफ कर सकें। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी किया जा रहा है। संक्रमण से बचाव के नियम न मानने वालों को समझाईश दी जाती है।
टीवी देखकर मनोरंजन और देश-दुनिया के हाल जान रहे
खाली समय में ग्रामीण टीवी पर धार्मिक व मनोरंजक कार्यक्रम देखते हैं। समाचार सुनकर वे देश-दुनिया में कोरोना संक्रमण की स्थिति भी जानते हैं। इसके बाद प्रदेश व जिले की स्थिति पर आपसी चर्चा का दौर भी चलता है।

gurudatt rajvaidya Bureau Incharge
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