नरेश के गढ़ में भाजपा का चिंतन, वन नेशन वन इलेक्शन!

नरेश के गढ़ में भाजपा का चिंतन, वन नेशन वन इलेक्शन!

Ashish Kumar Pandey | Publish: Oct, 13 2018 08:50:12 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

शहर में 40 वर्षो से अपराजित राजनीतिक योद्धा नरेश अग्रवाल पहली बार अपने घर में भाजपा के लिए बनाएंगे एकजुटता।

 

हरदोई. यूपी के हरदोई शहर में सियासी नजारा बदला बदला सा नजर आता है। सियासी नजारे की बात हम यहां पर इसलिए कर रहे हैं क्योंकि 14 अक्टूबर 2018 दिन रविवार को हरदोई शहर में पहली बार नरेश अग्रवाल के गढ़ में नरेश कुनबे के साथ भाजपा का बडा चिंतन शिविर आयोजित हो रहा है।
पीएम नरेंद्र मोदी के ड्रीम वन नेशन वन इलेक्शन विषयक इस चिन्तन शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल शिरकत करने आ रहे है। शिविर में अतिथि और वक्ता के रूप में भाजपा के कद्दावर नेताओं के साथ नरेश अग्रवाल और उनके बेटे नितिन अग्रवाल पहली बार अपने गृहनगर में भाजपा के बड़े नेताओं और बड़े विषय दोनों पर एक साथ गोष्ठि में भागीदारी कर रहे है।

अपराजित राजनेता कहा जाता है।
जिले में ही नहीं देश में एक जाने-माने नेता के रूप में पहचान बना चुके हैं कई बार कैबिनेट मंत्री और राज्यसभा सांसद रहे नरेश अग्रवाल अपने गृह नगर हरदोई शहर में पिछले 40 वर्षों से अपराजित राजनीति के स्तंभ है और हरदोई में वह हमेशा जीत दर्ज करते रहे और इसलिए उन्हें हरदोई शहर का अपराजित राजनेता कहा जाता है। नरेश अग्रवाल के हरदोई आवास पर तमाम दलों के बड़े राजनेताओं का अफसरों का और फिल्मी हस्तियों का आना जाना उनके जन्मदिन के अवसर एवं परिवारिक कार्यक्रमो के अवसरों पर होता रहा है लेकिन राजनीतिक रूप से उनका झंडा हमेशा अपने अंदाज में बुलंद रहा है। जिसके कारण नरेश अग्रवाल की समाज के हर वर्ग के लोगों से मजबूत राजनीतक नाते है। यह नाते ही उनके राजनीतिक किले को मजबूत बनााये रखे है।

बेटे को किया स्थापित
हमेेशा सत्ता के साथ रहने वाले नरेश अग्रवाल हरदोई शहर से अपने बेटे नितिन अग्रवाल को राजनीति मेें स्थापित कर चुके है। नितिन सपा प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं। गत मार्च माह में समाजवादी पार्टी द्वारा राजसभा टिकट काट दिया तो नाराज नरेश अग्रवाल ने इसे अपना अपमान मानते हुए भाजपा ज्वाइन की थी जिसके बाद से हरदोई में सियासी नजारा बदल गया है।

Ad Block is Banned