भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने नरेश अग्रवाल को बताया द्रोणाचार्य, खुद को माना एकलव्य

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने नरेश अग्रवाल को बताया द्रोणाचार्य, खुद को माना एकलव्य
naresh agarwal

Abhishek Gupta | Publish: Oct, 14 2018 10:44:00 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

हरदोई में पीएम मोदी के ड्रीम विजन 'वन नेशन वन इलेक्शन' पर गोष्ठी आयोजित कर चिंतन के साथ मंथन भी हुआ.

हरदोई. हरदोई में पीएम मोदी के ड्रीम विजन 'वन नेशन वन इलेक्शन' पर गोष्ठी आयोजित कर चिंतन के साथ मंथन भी हुआ। हज़ारों की संख्या में समाज के विभिन्न वर्गों से आये लोगों ने विचार व्यक्त करते हुए मोदी के विजन पर मुहर लगाते हुए नरेश अग्रवाल की लोकप्रियता और हरदोई में सियासत का केंद्र बिंदु होने का अहसास कराया। एक राष्ट्र एक चुनाव' विषय पर गांधी मैदान में हुई भाजपा की गोष्ठी में मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश महामन्त्री संगठन, सुनील बंसल ने कहा कि लोकसभा व विधानसभाओं के अलग-अलग चुनाव होने से आदर्श आचार संहिता के कारण समय प्रभाावित होता है। राष्ट्र-हित में ग्राम पंचायत से पार्लियामेन्ट तक के चुनाव एक साथ कराए जाने का प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी का विचार स्थापित करना ही होगा।

गोष्ठी के मुख्य वक्ता पूर्व राज्यय सभा सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा वन नेेेशन वन इलेक्शन पर सार्थक चर्चा हरदोई से शुरू हुई है। हरदोई ने तमाम विचारधाराओं को बदला। वन नेशन वन इलेक्शन बड़ी सोच का मुद्दा है। नरेश अग्रवाल ने भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण शास्त्ररी से कहा को वो उन्हें पराया न समझें, हम कुछ लेने नहीं देने आए हैं। हम अपने घर आये हैं। राजनीति में जो हासिल करना था वह सब 40 साल में कर लिया। अब तो बस सेवा करने आए हैं। सदर सांसद अंशुल वर्मा ने वन नेशन वन इलेक्शन का समर्थन करते हुए ऑनलाइन वोटिंग की वक़ालत की।

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बोले - नरेश द्रोणाचार्य, मैं एकलव्य

प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद जिला पंचायत से लेकर आर्य समाज के शैक्षणिक संस्थाओं में नरेश अग्रवाल व उनके परिवार का पुरजोर विरोध करने वाले भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्रा के तेवर नरेश अग्रवाल के भाजपा में आने के बाद से बदल गए थे, मगर आज उन्होंने गोष्ठि में नरेश अग्रवाल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मेरा सपना था कि नरेश अग्रवाल भाजपा में होते और मैं उनसे गुरुमंत्र ले पाता। विपक्ष में होते हुए जानता था कि वह कभी गुरुमन्त्र नहीं देंगे। इसलिए, मैंने उन्हें द्रोणाचार्य मान खुद को एकलव्य बनाया। लोकसभा चुनाव में दोनों सीटों पर जिलाध्यक्ष रहते हुए जीत का जश्न मनाया।

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