रमजान पर अमन चैन का पैगाम, इस माह मिलेगा एक नेकी का 70 गुना बदला, होंगी मरादें पूरी

रमजान पर अमन चैन का पैगाम, इस माह मिलेगा एक नेकी का 70 गुना बदला, होंगी मरादें पूरी

Mahendra Pratap | Publish: May, 18 2018 09:37:53 AM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

रमजान मुबारक के पहले दिन सिनेमा चौराहे के निकट भारत पाईप ट्रेडर्स की ओर से रोजा अफ्तार का एहतमाम किया गया।

हरदोई. रमजान मुबारक के पहले दिन सिनेमा चौराहे के निकट भारत पाईप ट्रेडर्स की ओर से रोजा अफ्तार का एहतमाम किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में रोजेदारों ने शिरकत की और रमजान मुबारक के साथ इबादत और समाज में अमन चैन का पैगाम दिया।

रमज़ान से अपनी नमाज़ों को दुरुस्त

जनाब आमिर किरमानी ने बताया कि अल्लाह ने पूरे साल में रमज़ान का ऐसा बरकत वाला महीना उतारा है। जो चाहो अल्लाह से फरियाद कर सकते हो। बताया की रमज़ान से अपनी नमाज़ों को दुरुस्त और मुकम्मल करना चाहिए ताकि महशर के दिन कम नमाज़ों की वजह से मुंह न ताकना पड़े। रमज़ान का पहला अशरा, रहमत, दूसरा मगफिरत, और तीसरा बख्शिश का है। अल्लाह ने अपने बन्दों को रमज़ान में पढ़ने वाली नमाज़ों में एक नमाज़ का सत्तर गुना सवाब देने का वादा किया है।

इस्लामी माह रमजान अपने आप में अहम है

मान्यता हैं कि इस माह एक नेकी का बदला 70 गुना मिलता है। जन्नत के दरवाजे खोल दिये जाते हैं और जहन्नुम के बन्द कर दिए जाते हैं। यह महीना 10 - 10 दिनों के तीन अशरों में विभाजित किया गया है। जिनकी अपनी अपनी विशेषताएं हैं। पहला अशरा रहमत, दूसरा मगफिरत (गुनाहों से माफी ) और तीसरा व अंतिम अशरा जहन्नुम से आजादी का होता है। रमजान नेकियों का मौसम ए बहार कहा जाता है। इसी में एक रात 'शबे कद्र' है जिसकी बड़ी फजीलत है। इस रात की इबादत का सवाब हजार महीने की इबादत से बढ़ कर मिलता है। 'एतकाफ' भी इस माह की खास और अहम इबादत है।

मुरादें होंगी पूरी

इस मर्तबा मई में होने वाले रमजान के रोजा लगभग 15 घण्टे है। रोजेदार दिन के उजाले में खाना पीना छोड़ कर अल्लाह की इबादत कर रहे हैं। महीने भर बुराईयों से परहेज और ज्यादा अच्छाई, ज्यादा नेकियां करने की कोशिश करने से मुरादे पूरी होती है बुराई माफ हो जाती है। शिद्दत की गर्मी के रोजों में इफ्तार के दस्तरखान को लोग शिद्दत से आयोजित कर रहे हैं।

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