महीनों से बीमार छात्रा के घर वालों को नहीं दी गई सूचना, हालत गंभीर

आवासीय स्कूल की छात्रा को लेकर पुलिस के पास पहुंचा पिता और सुनाई दास्तां तो उठ गए हुए सवाल

By: आकांक्षा सिंह

Published: 10 Nov 2017, 07:35 AM IST

हरदोई. जब एक पिता अपनी बेटी को लेकर अफसरों चौखट पर पहुंच कर अपनी दास्तां सुनाई तो जिले का कस्तूरबा आवासीय स्कूल सवालों के घेरे में आ गया है। मामला यूपी के हरदोई जिले में संचालित होने वाले कस्तूरबा आवसीय स्कूल का है।
हरदोई जिले के कस्तूरबा विद्यालय सांडी में कक्षा आठ में पढऩे वाली छात्रा गोल्डी को लेकर उसका गरीब पिता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और उसने जो दास्तां सुनाई उसे सुनकर सभी के मन में आवासीय स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ खड़ा हुआ।

 

पिता रामू ने बताया कि उसकी बेटी काफी दिनों से बीमार है और स्कूल प्रशासन ने न उसका इलाज कराया और न ही इस ओर परिवार को खबर दी जिसके कारण काफी समय से बीमार उसकी बेटी पूरी तरह से पस्त हो गई है और चलने फिरने लायक भी नहीं रही। पिता रामू ने कस्तूरबा स्कूल प्रशासन पर बेटी का इलाज न करवाने और उसको इसकी सूचना न दिए जाने का आरोप लगाया और ये भी आरोप लगाया की जब वो बेटी से मिलने गया तो वहां स्टाफ के लोगों ने उसके साथ गाली गलौज किया तथा बेटी से मिलने भी नहीं दिया। काफी मशक्कत के बाद वो अपनी बेटी को वहां से लाकर यहां फरियाद करने पहुंच पाया।


कस्तूरबा स्कलों को लेकर उठ खड़े हुए सवाल


जिले में कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में अपनी बेटियों को पढ़ने के लिए भेज कर परिजन निश्चिंत हो जाते हैं की उनकी बेटी अब वहां रहकर पढ़ेगी और खुश रहेगी। लेकिन बेटियों को क्या सुविधाएं मिल पाती है इसका खुलासा उक्त मामले ने कर दिया है। जिससे लगता है कि कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों की हालत दिन प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही है। वहां की हॉस्टल व्यवस्था प्रश्न चिन्हों के घेरे में आती जा रही है। हालत ये है की अगर कोई छात्रा बीमार होती है तो उसके परिजनों को सूचना भी नहीं दी जाती है और न ही उसका उचित इलाज करवाया जाता है। यही नहीं जब कोई परिजन अपनी बेटी का हाल चाल जानने स्कूल जाता भी है तो वहां के स्टाप के लोग उससे बदसलूकी करते है और उसको बेटी से मिलने भी नहीं देते है।



एएसपी निधि सोनकर ने दिए कार्रवाई के निर्देश


अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी निधि सोनकर को जब उक्त मामले की जानकारी हुई तो जानकारी मिलते ही उन्होंने छात्रा व उसके पिता से बातचीत कर उनकी पीड़ा सुनी। उन्होंने तत्काल जांच के आदेश देकर कड़ा कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित थाना प्रभारी को दिए और बीमार छात्रा को इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।

आकांक्षा सिंह
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