हाथरस कांंड: जिस बाजरे के खेत में हुई थी वारदात, अब उसके मालिक ने मांगा मुआवजा

Highlights

- किसान बोला- सबूत मिट जाने के डर से नहीं काटने दी गई फसल

- अधिकारियों ने दिया था 50 हजार रुपए के मुआवजे का आश्वासन

- किसान की 9 बीघा फसल हो गई बर्बाद

By: lokesh verma

Published: 19 Oct 2020, 11:20 AM IST

हाथरस. यूपी के बहुचर्चित हाथरस कांड में सीबीआई टीम तेजी से जांच में जुटी है। जिस बाजरे खेत में पीड़िता के साथ वारदात को अंजाम दिया था, अब उसके मालिक ने मुआवजे की मांग की है। खेत मालिक का कहना है कि घटना के बाद से खेत पर पुलिस का कब्जा है। इस कारण वह खड़ी फसल की सिंचाई तक नहीं कर सका है। इससे फसल की उपज प्रभावित हुई है। सबूत मिटने के डर से फसल को काटने भी नहीं दिया और उसकी फसल बर्बाद हो गई। इसलिए उसने खराब हुई फसल के मुआवजे की मांग की है।

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दरअसल, जमीन मालिक पहले जयपुर में रहकर ही खेती-किसानी करता था, लेकिन कुछ महीनों से वह गांव में ही खेती कर रहा है। उसका कहना है कि उसकी यहां 9 बीघा जमीन है, जिसमें उसने बाजरा की फसल उगाई थी, लेकिन घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने खेतों की तरफ जाने से भी मना कर दिया। पुलिस ने कहा था कि यदि खेत में सिंचाई और कटाई की तो सभी सबतू मिट जाएंगे। इस कारण उसकी 9 बीघे की फसल बर्बाद हो गई है।

जमीन मालिक ने बताया कि अधिकारियों ने कहा था फसल के नुकसान की भरपाई के तौर पर 50 हजार रुपए दिए जाएंगे. लेकिन उसे अभी तक कुछ नहीं मिला है। किसान का कहना है कि खेत में होने वाली फसल से परिवार के पांच लोगों का पालन पोषण होता है। यदि समय पर मुआवजा नहीं दिया गया तो उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। परिवार के लोगों का पेट भरना मुश्किल होगा। किसान ने बताया कि उस पर 1.6 लाख रुपये का कर्ज भी है।

इस संबंध में हाथरस एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि सबूत नष्ट होने के मद्देनजर किसान ने फसल नहीं काटी। हालांकि, एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि अपराध स्थल पर कोई भी बदलाव सुबूतों से छेड़खानी की श्रेणी में आता है।

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