मलेरिया फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग करा रहा यह काम, सभी ने की सराहना

मलेरिया फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग करा रहा यह काम, सभी ने की सराहना
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arun rawat | Publish: Jun, 10 2019 01:49:18 PM (IST) Hathras, Hathras, Uttar Pradesh, India

— मलेरिया निरोधक माह के रूप में मनाया जा रहा जून, डीडीटी का हो रहा छिड़काव।

हाथरस। संक्रामक रोगों से जनता को बचाने के लिए जिले का स्वास्थ्य महकमा अलर्ट है। विभाग द्वारा चिन्हित इलाकों में डीडीटी स्प्रे कराने का काम भी काफी पहले शुरू कर दिया गया था। ताकि लोगों को मच्छरों के द्वारा होने वाली बीमारियों से बचाया जा सके। जून के महीने को मलेरिया निरोधक माह के रूप में मनाया जा रहा है।

ऐसे फैलता है मलेरिया
जिला मलेरिया अधिकारी एम जौहरी ने बताया कि मलेरिया ठंड लगकर बुखार आ जाने वाली बीमारी है। ये संक्रमित मादा एनाफिलिज मच्छर के काटने से फैलती है। जब मादा एनाफिलिज मच्छर किसी मलेरिया के रोगी को काटती है, तो उसके खून में उपस्थित परजीवी को अपने शरीर में खींच लेती है। यहां परजीवी का 10 से 14 दिन तक विकास होता है और इसके बाद जब यह मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है तो अपने शरीर में पल रहे मलेरिया परजीवी को उसके शरीर में छोड़ देता है, मलेरिया परजीवी मनुष्य के खून में लाल रक्त कणों में वृद्धि करता है और मनुष्य बुखार से ग्रसित हो जाता है।

जागरूकता लाकर करें बचाव
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि एनाफिलिज मच्छर मुख्य रूप से जल जमा वाले स्थानों पर पैदा होता है जैसे - गड्ढे, पाइप, पानी की टंकी, होद, रूका हुआ पानी, कूलर, टूटे-फूटे टायरों आदि में मौजदू पानी में। इसे रोकने के लिए हमें जल को जमा नहीं होने देना चाहिए, इसे रोकने के लिए साफ-सफाई बेहद जरुरी है। मच्छरों से बचाव के लिए हमें फुल आस्तीन वाले कपड़े पहनने चाहिए। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य महकमे द्वारा भी समय -समय पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता हैं और मच्छरों से ग्रसित इलाकों में डीडीटी का छिड़काव भी कराया जा रहा है।

बीमारियों को फैलने से रोकें
वहीं, सहायक मलेरिया अधिकारी एसपी गौतम ने बताया कि जून माह को मलेरिया निरोधक माह के रूप में मनाया जा रहा है। मच्छरों से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए व मच्छरों को पैदा होने से रोकने के लिए प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी डीडीटी का छिड़काव कराया जा रहा है। जिसके लिए 4.5 मीट्रिक टन डीडीटी आवंटित हुआ था। उन्होंने बताया चिन्हित इलाकों में डीडीटी छिड़काव का कार्य चल रहा है।

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