Lockdown Effect: परिजनों के बिना हुई अंत्येष्टि, बेटों ने WhatsApp पर किए अंतिम दर्शन

Lockdown Effect: लॉकडाउन में अपने पिता के अर्थी को कंधा भी नहीं दे पाए दो बेटे...

 

 

By: Prateek

Updated: 18 Apr 2020, 11:07 PM IST

(हजारीबाग): लॉक डाउन के दौरान सब कुछ बंद होने के कारण एक बेटा अपने पिता की अंत्येष्टि में भी शामिल नहीं हो पाया और व्हाट्सअप पर ही पिता के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।


प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के इचाक प्रखंड के बरकाकला गांव निवासी 45 वर्षीय कमल रजक की मौत गुजरात के गांधीनगर में हो गई। वह लॉकडाउन लागू होने के चार दिन पहले 18 मार्च को मजदूरी करने गुजरात गया था। इस बीच कोरोना प्रकोप के कारण पूर्णतः तालाबंदी लागू रहने के कारण शव पैतृक गांव नहीं लाया जा सका और दोनों बेटे पिता की अर्थी को कंधा भी नहीं दे सके। मृतक की पत्नी और बेटों ने व्हाट्सएप पर अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की और मुखाग्नि दी।


बेसहारा हुआ परिवार...

मृतक के परिजनों ने बताया कि घर की आर्थिक हालत दयनीय होने के कारण वे मजदूरी करने गुजरात गए थे, वहां पहुंचते ही कोरोना वायरस के चलते लॉक डाउन में काम नहीं मिला फिर बीमारी ने ऐसा जकड़ा की प्राण गवाना पड़ गया। कमल के दोस्तों ने बताया कि उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई,जिसके बाद उसे निकट के अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गई। कमल अकेला घर का कमाऊ सदस्य था। उसके गुजर जाने से दो नाबालिग पुत्र और पत्नी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

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