30-35 की उम्र के बाद बढ़ती जोड़ों की तकलीफ, जंकफूड और एसिडिक चीजों से बचें

बढ़ती उम्र से हड्डियां कमजोर होती हैं। अनियमित जीवनशैली की वजह से या फिर बढ़ती उम्र में जोड़ों से संबंधित मिनरल्स खत्म होने लगते हैं। हड्डियां घिसने और कमजोर होने लगती हैं। जंकफूड, अम्लीय चीजों को खाने से बचें।

By: Ramesh Singh

Published: 20 Sep 2018, 10:00 PM IST

जयपुर। उम्र कोई भी हो मजबूत हड्डियां स्वस्थ शरीर की जरूरत होती हैं। हड्डियां कैल्शियम के अलावा कई तरह के मिनरल्स से बनी हैं। 35 की उम्र के बाद हड्डियों की ग्रोथ प्रभावित होती है। हार्मोनल बैलेंस बिगडऩे से भी दिक्कत होती है।

एक्सरसाइज से हड्डियां मजबूत

एक हड्डी से दूसरी को जोडऩे के स्ट्रक्चर को जॉइंट कहते हैं। खानपान में लापरवाही और एक्सरसाइज न करने से जोड़ों में दिक्कत होती है। एक्सरसाइज करने से मांसपेशियां और जॉइंट्स मजबूत रहते हैं। कोई चीज ऊंचाई से उतारें तो एडिय़ों के बल ऊंचे होकर पकडऩे की कोशिश न करें। अचानक झुके भी नहीं।

ऑपरेशन के तीसरे दिन घर भेज देते

जोड़ों में कार्टिलेज खराब होने से दिक्कत होती है। एडवांस घुटना प्रत्यारोपण से उकडू़-मुकड़ू और आल्ती-पाल्ती कर बैठ सकते हैं। ऑपरेशन से एक दिन पहले भर्ती मरीज का दूसरे दिन ऑपरेशन व तीसरे दिन उसे घर भेज देते हैं।

प्रोटीनयुक्त डाइट लें

दैनिक व्यायाम, बॉडी स्ट्रेचिंग, स्टें्रथिंग और रनिंग, ब्रिस्क वॉक करें। मांसपेशियां मजबूत होंगी। इससे बोन्स स्ट्रेंग्थ मजबूत रहेंगी। प्रोटीनयुक्त भोजन लें। शुगर, फैट युक्त चीजों का प्रयोग कम करें।

कई हार्मोन ठीक करते हैं दर्द, पेनकिलर न लें

वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.के. वर्मा ने बताया कि कभी-कभी गर्दन में दर्द या स्ट्रेचिंग के कारण मांसपेशियां टाइट हो जाती हैं। दर्द भी होता है। ऐसे में लगातार पेनकिलर लेनेसे शरीर का वार्निंग सिस्टम सही काम नहीं करता है। शरीर में मेलार्फिन सहित कई हार्मोन दर्द को ठीक करते हैं।

आयुर्वेद में भी इलाज

30-35 की उम्र तक ऊतक बनते रहते हैं। पुराने टिश्यू के स्थान पर नए टिश्यू बनने से मांसपेशियां मजबूत रहती हैं। हड्डियां भी सुरक्षित रहती हैं। इसके बाद ग्रोथ कम हो जाती है।

  • आहार : इसके लिए जरूरी है कि दूध आधारित चीजें, बादाम, अंजीर, चीज, सोयाबीन, साइट्रस फ्रू ट, हरे पत्तेदार सब्जियां लेनी चाहिए।
  • विहार : सुबह 15-30 मिनट तक धूप में बैठें। विटामिन डी3 फॉस्फोरस से, अल्ट्रावायलेट किरणों, विटामिन डी से कॉलेस्ट्रॉल बनता है। कैल्शियम फॉस्फोरस को अवशोषित करता है। शरीर की अस्थि संरचना के लिए आहार-विहार दोनों पर ध्यान देना जरूरी है।
  • वर्जित : शराब, धूम्रपान तो पूरी तरह वर्जित। चाय-कॉफी का अधिक सेवन न करें। नमकीन, अम्लीय चीजें और जंकफूड भी खाने से बचें।

आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. मनोरमा सिंह ने बताया कि रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसाले औषधीय गुणों से भरपूर हैं। जीरा, मैंथीदाना, हल्दी फायदेमंद है। जीरे में कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, विटामिन ए,सी,ई एक से तीन ग्राम गरम पानी 1/2 कप में छानकर पीएं।

Ramesh Singh
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