घबराएं नहीं छींकने से, अगर बार-बार आती है छींक तो आप जूझ रहे इस गंभीर समस्या से..

Highlights
-भारत में भी कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है
-हर दिन कोरोना से संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं
-ऐसे में 24 घंटे में एक बार छींकना या खांसी आना सामान्य बात है

Ruchi Sharma

25 Mar 2020, 02:35 PM IST

नई दिल्ली. चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोना वायरस दुनियाभर के कई देशों में फैलता ही जा रहा है। भारत में भी कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। हर दिन कोरोना से संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं। एेसे में माना जा रहा है कि छींक व खांसी कोरोना वायरस के लक्षण हो सकते हैं। घबराए न मौसम के उतार-चढ़ाव के चलते तमाम लोग मौसमी फ्लू की चपेट में है। ऐसे में 24 घंटे में एक बार छींकना या खांसी आना सामान्य बात है। सर्दी-जुकाम के दौरान छींक आना एक आम बात है क्‍योंकि सामान्‍य सर्दी-जुकाम समय के साथ ठीक हो जाता है। पर ध्यान रहे कई बार छींक आना ये एक गंभीर समस्या बन सकती है, जो आपको लंबे समय तक प्रभावित कर सकती है। अगर आपको छींक की दिक्कत है और आपको कभी भी कहीं भी आपको छींक आ जाती है तो ये समस्या आपके लिए घातक हो सकती है। इसे अनदेखा भूल कर भी न करें।

साइनस

ठंड के मौसम में सर्दी जुकाम आम बात है, लेकिन लंबे समय तक यह स्थिति रहे तो साइनस हो सकता है। इसे साइनसाइटिस भी कहा जाता है। बैक्टीरियल, वायरल और फंगल संक्रमण के कारण सिर में दर्द महसूस होता है और नाक बंद हो जाती है। साइनसाइटिस से नाक और चेहरे में सूजन आ जाती है और नाक से तरल पदार्थ बहना शुरू हो जाता है। सांस लेने में तकलीफ होती है।

मौसमी एलर्जी

'एलर्जी वास्तव में हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का ऐसा असर है जिसकी वजह से हमारे शरीर के संपर्क में आने वाले कुछ पदार्थों और रसायनों के प्रति संवेदनशीलता बहुत तेजी से दिखती है और कई बार इस संवेदनशीलता का असर काफी लंबे समय तक दिखायी देता है। एेसा ही मौसमी एलर्जी है। मौसमी एलर्जी धूल जानवरों से या फंगल बैक्‍टीरिया से होती है। जब आप सोते हैं तो लक्षण बढ़ जाते हैं क्योंकि आपकी नाक का मार्ग लंबे समय तक सोने के दौरान इन कारकों को ट्रिगर करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ड्राइनेस भी हो सकता है कारण

एयर कंडीशन की वजह से ड्राई नोज की समस्‍या हो सकती है। लंबे समय तक एयर कंडीशनर वाले रूम में बैठने के कारण शरीर में शुष्‍कता बढ़ती है। यह छींक आने का एक बड़ा कारण हो सकता है।

Ruchi Sharma
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