आसन व योग करने से पहले जानें इससे जुड़े आम सवाल

Vikas Gupta

Publish: Oct, 12 2017 07:09:29 (IST)

Health
आसन व योग करने से पहले जानें इससे जुड़े आम सवाल

योग करना शुरू तो कर देते हैं लेकिन उनके मन में कुछ सवाल उठते रहते हैं। यहां हम बात कर रहे हैं कुछ ऐसे ही सवालों के बारे में-

दिनचर्या में यदि आप योग को शामिल करना चाहते हैं तो पहले इससे जुड़ी अहम बातें जान लें। दरअसल अक्सर लोग टीवी, वीडियो या इंटरनेट देखकर योग करना शुरू तो कर देते हैं लेकिन उनके मन में कुछ सवाल उठते रहते हैं। यहां हम बात कर रहे हैं कुछ ऐसे ही सवालों के बारे में-

वर्कआउट बेहतर या योग?
जिम में पसीना बहाकर आप शरीर को फिट और मांसपेशियों को मजबूत रखते हैं। वहीं योग में शरीर, दिमाग और सांस तीनों का तालमेल होता है। जिससे शरीर मजबूत व लचीला और दिमाग शांत होता है। इससे तनाव कम होकर इम्युनिटी बढ़ती है और ऊर्जा मिलती है।

क्या लचीलापन जरूरी है?
योग के लिए सिर्फ ताकत, संतुलन व लचीलापन चाहिए। किसी के पास यदि इनमें से कोई एक भी हो तो उसके सहारे दूसरी चीजों पर आसानी से काम हो सकता है। नियमित योग से जैसे-जैसे वजन कम होता है, शरीर लचीला होने लगता है।
क्या है सही समय?
दिन में किसी भी वक्त योग कर सकते हैं, लेकिन खाने के तुरंत बाद न करें। सुबह सूर्योदय के तुरंत बाद या दो घंटे बाद तक कभी भी योग करना लाभकारी है। इस समय वातावरण शांत और स्वच्छ होता है जिससे मानसिक शांति मिलती है।

कैसी हो जगह?
शांत व हवादार जगह पर योग करना चाहिए। गार्डन, छत या खुला मैदान न होने पर हवादार कमरे में भी योग कर सकते हैं। सर्दी, तेज हवा, धुएं या धूल के बीच योग न करें। इस दौरान चश्मा या जूलरी न पहनें।

पेट खाली होना जरूरी है?
आसन करने से पहले ब्लैडर और आंतें खाली होनी चाहिए। कब्ज की समस्या न हो। यदि सुबह खाली पेट योग नहीं कर पा रहे तो खाने के 3-4 घंटे बाद ही योग करें।

ध्यान जरूरी है?
योग का मूल नियम है ध्यान। योग में भले ही शारीरिक आसन होते हैं लेकिन भावनात्मक तौर पर भी यह असर करता है। ध्यान से ऊर्जा मिलती है। साथ ही शरीर का संतुलन, सांस की लय व एकाग्रता बढ़ती है।

मासिक धर्म या गर्भावस्था में कर सकते हैं योग?
पीरियड्स या प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं पेट के बल लेटकर किए जाने वाले आसन न करें। विषैले तत्त्व दिमाग या फैलोपियन ट्यूब में पहुंच सकते हैं। दर्द होने या चोट लगने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लें। इन दिनों विशेषज्ञ आसान प्रसव के लिए भी योग कराते हैं।

कुछ खास डाइट लेनी होती है?
योग के लिए डाइट से जुड़ा कोई नियम या शर्त नहीं है। योग करने वाले शुद्ध शाकाहारी हों यह भी जरूरी नहीं। हालांकि शाकाहार को प्राथमिकता दी जाती है। अंकुरित चीजों को ज्यादा से ज्यादा खाएं। मौसमी फल और सब्जियां खानी चाहिए। एक्सपट्र्स का मानना है कि पेट का आधा हिस्सा भोजन और एक तिहाई भाग पानी से भरा होना चाहिए। बाकी का हिस्सा खाली हो। इससे शरीर फिट और एक्टिव रहता है।

नई पीढ़ी के बीच योग पॉपुलर हो गया है। फिट रहने का यह पुराना तरीका दिमाग,शरीर व आत्मा को अनुशासित रखता है। योग में की जाने वाली हर क्रिया के पीछे कुछ कारण और विज्ञान है जिसे जानना जरूरी है।

3-4 दिन में सही मुद्राओं के साथ योग करने से शरीर पर दिखता है असर।
30% रोगियों पर 3 माह तक हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने शोध में पाया, योग से बेचैनी कम हुई।
फैक्ट्स
योग व प्राणायाम से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ मिलता है। मांसपेशियां मजबूत और शरीर लचीला होने के साथ ही रक्तसंचार में सुधार होता है। विशेषज्ञ की देखरेख में योग करने से नुकसान की आशंका कम रहती है। किसी की बात सुनकर, वीडियो देखकर या किताब पढ़कर योग करने पर गलती की आशंका ज्यादा रहती है। खाने के तुरंत बाद सिर्फ वज्रासन ही करना ठीक रहता है।

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