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New Research : उपवास से कई जटिल बीमारियां भी होती हैं दूर

न्यू रिसर्च : जर्मनी में एक शोध किया गया, जिसमें पाया गया कि उपवास से उम्र लंबी होती है। कई बीमारियों में फायदेमंद है। शोध में चूहों का दो समूह बनाया। एक को तय समय तक उपवास की तरह रखा, उसकी उम्र 5 प्रतिशत बढ़ गई। इससे पहले 2016 में जापानी वैज्ञानिक योशिनोरी ओसुमी ने ऑटोफागी की खोज की, जिसके लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

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New Research : उपवास से कई जटिल बीमारियां भी होती हैं दूर

खराब कोशिकाओं को शरीर खत्म करता है
शोध में यह बात सामने आई कि जो लोग कम खाते हैं उनका शरीर ज्यादा समय तक फिट रहता है, वहीं ज्यादा खाने वालों का शरीर पहले ढल जाता है। 12 घंटे तक कुछ न खाने वाले लोगों के शरीर में ऑटोफागी सफाई प्रक्रिया शुरू हो जाती है। जिससे शरीर खराब कोशिकाओं को खत्म करने लगता है। उसके स्थान पर शरीर नई कोशिकाओं का निर्माण करता है। शुरू में शरीर उपवास से परेशान होता है, लेकिन बाद में उसे भूखे पेट रहने की आदत पड़ जाती है।
जीवनशैली में बदलाव कर रह सकते सेहतमंद
गलत खानपान और खराब जीवनशैली की वजह से मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। मोटापा से मेटाबॉलिक सिंड्रोम होता है जिससे फैटी लिवर, हाई ब्लड पे्रशर, हाई कॉलेस्ट्रॉल, हाइपर टेंशन, माइक्रो वैस्कुलर संबंधित बीमारियां होती हैं। जीवनशैली में बदलाव (लाइफ स्टाइल मॉडिफिकेशन) और मोटापा कम कर इन बीमारियों से बच सकते हैं। नियमित दिनचर्या व संतुलित खानपान जरूरी है। रात में समय पर सोना, सुबह उठने के दो घंटे के अंदर नाश्ता जरूरी है।

जानें...ऑटोफागी व शरीर कैसे करता है काम
प्रक्रिया : ऑटोफैगी दो शब्दों ऑटो व फैगी से मिलकर बना है। इसका अर्थ है स्वयं को खाना। 10-12 घंटे उपवास के दौरान कोशिकाएं शरीर की क्षतिग्रस्त व खराब कोशिकाओं को खुद ही खत्म करने लगती हैं। पोषक तत्वों के अभाव से शरीर उर्जावान रखने में मदद करती है। उम्र बढऩे की गति भी धीमी होती है।
ऐसे करती है काम : जब शरीर की कोशिकाएं इस प्रक्रिया को शुरू करती है तो मस्तिष्क अलर्ट मोड में रहता है। तनाव की स्थिति को कम करती है। हानिकारक जीवाणुओं से सुरक्षा करती है। इस प्रक्रिया के बाधित होने से पार्किंसन, डायबिटीज, पाचन संबंधी दिक्कते शुरू होने की आशंका बढ़ती है।

एक्सपर्ट : डॉ. एम वली, वरिष्ठ फिजिशियन, सर गंगाराम अस्पताल, नई दिल्ली