जीका वायरस में मरीज के हाथ-पैरों में रहता है दर्द, हाे सकता है लकवा भी

जीका संक्र्र्रमण के दाैरान गुलियन बैरी सिंड्रोम विकसित होता है जिससे संक्रमण का असर शरीर के नर्वस सिस्टम पर होता है

 

By: युवराज सिंह

Updated: 13 Oct 2018, 12:20 PM IST

अफ्रीका एवं दक्षिण एशिया के कुछ देशों में शुरू हुआ जीका वायरस अब दुनिया के लगभग 86 देशों में फैल चुका है। भारत में इसका पहला मरीज अहमदाबाद में मिला था।जयपुर में पिछले दिनों एक बुजुर्ग महिला में जीका वायरस की पुष्टि हुई थी। यह महिला हाथ-पैरों में दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल में भर्ती हुई थी। इस महिला की डेंगू, स्वाइन फ्लू व चिकनगुनिया की जांच रिपोर्ट सामान्य थी लेकिन पुणे की लैब में भेजे गए सैम्पल की जांच में जीका वायरस की पुष्टि हुई थी। अस्पताल में इलाज के बाद अब महिला की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। इसमें जीका वायरस संबंधी लक्षण नहीं दिख रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जीका वायरस से प्रभावित मरीज के जोड़ों में भी दर्द हो सकता है। हालांकि अधिकतर मरीज में धीरे-धीरे ये लक्षण ठीक हो जाते हैं लेकिन कुछेक में थोड़ी समस्या रह सकता है। हाथ-पैरों में दर्द रह सकता है।

जीका वायरस से मरीज को हाेता है लकवा हाेने का खतरा
जीका का वायरस शरीर के तंत्रिका तंत्र यानि नर्वस सिस्टम पर हमला करता है जिससे मरीज को लकवा होने का खतरा बढ़ जाता है। दरअसल बीमारी के दौरान गुलियन बैरी सिंड्रोम विकसित होता है जिससे संक्रमण का असर शरीर के नर्वस सिस्टम पर होता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह ले लेनी चाहिए।

ज्यादा से ज्यादा लिक्विड डाइट लें
जीका वायरस के संक्रमण की पुष्टि हो जाती है तो घबराएं नहीं। डॉक्टर के बताए अनुसार इलाज लें। जो दवाइयां दी गई हैं उन्हें बताए गए तरीके से व समय पर लें। विशेषज्ञों का कहना है कि वायरल संक्रमण में ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लेने चाहिए। इससे शरीर में फ्लुइड व इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस बना रहता है जो बीमारियों से लडऩे की इम्युनिटी को बढ़ाता है। मरीज को पूरा आराम करना चाहिए, बाहर ज्यादा घूमना-फिरना नहीं चाहिए। इसका अभी तक कोई टीका नहीं बना है।

शरीर को ढंककर रखें, हल्के रंग के कपड़े पहनें
जीका वायरस से बचाव का सबसे बेहतर उपाय है मच्छरों की रोकथाम। मौसम बदलने के साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, ऐसे में बेहतर होगा कि शरीर को पूरी तरह ढंकने वाले कपड़े ही पहनें। कपड़े हल्के रंग के पहनना इसलिए सुरक्षित माना जाता है कि चटकीले रंग मच्छरों को आकर्षित करते हैं। कई वैज्ञानिक अध्ययन में भी यह बात कही जा चुकी है।

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