पीओआई में मेनोपॉज के बावजूद आते हैं पीरियड्स

Vikas Gupta

Publish: Oct, 13 2017 09:08:17 (IST)

Health
पीओआई में मेनोपॉज के बावजूद आते हैं पीरियड्स

पीओआई (प्राइमरी ओवेरियन इंसफिशिएंसी) से पीड़ित महिलाओं को पीरियड्स आ सकते हैं और वे प्रेग्नेंट भी हो सकती हैं।

40 की उम्र के आसपास आमतौर पर महिलाओं को मेनोपॉज होने पर कभी नॉर्मल पीरियड्स नहीं आते व न ही वे प्रेग्नेंट हो पाती हैं। लेकिन पीओआई (प्राइमरी ओवेरियन इंसफिशिएंसी) से पीड़ित महिलाओं को पीरियड्स आ सकते हैं और वे प्रेग्नेंट भी हो सकती हैं। इनमें अनियमित माहवारी और फर्टिलिटी घट जाती है। मासिक धर्म के स्थायी रूप से बंद हो जाने को रजोनिवृत्ति या मोनोपॉज कहते हैं। 45 से 50 वर्ष की आयु तक साधारणतया प्रत्येक 28वें दिन मासिकधर्म होता रहता है और जब मासिकधर्म बंद हो जाता है तो इसे मोनेपॉज कहते हैं। पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हॉर्मोनल बदलाव होते हैं। ऐसे में खानपान के साथ बहुत सी बातों का ध्यान रखना चाहिए। ये ऐसे ही पांच काम हैं जो पीरियड्स के दौरान भूलकर भी नहीं करने चाहिए।

कारण : अंडाशय का ठीक से काम न करना। ऐसे में अंडाशय से स्त्रावित होने वाले हार्मोन उचित मात्रा में नहीं बनते जिससे ओवरी में अंडे बनने व माहवारी के दौरान इनके टूटने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। लेकिन अंडाशय की आनुवांशिक विकृति, किसी तरह की दवाओं का दुष्प्रभाव,रेडिएशन का प्रभाव व ऑटाइम्यून डिजीज से भी यह हो सकता है।

टैस्ट : ब्रेस्ट का आकार उम्र के अनुसार न होना,कम व अनियमित माहवारी, हॉट फ्लैशेज, स्वभाव में अचानक बदलाव और पर्याप्त नींद न आने पर फॉलिकल स्टिमुलेटिंग हार्मोन टैस्ट कराते हैं। साथ ही एस्ट्रोजन टैस्ट और पेल्विक अल्ट्रासाउंड टैस्ट कर अंडाशय व इससे जुुड़े अंगों की कार्यक्षमता जानते हैं।

क्या है इलाज
अंडाशय की कार्यक्षमता बढ़ाना संभव नहीं। लेकिन प्रेग्नेंसी की संभावना बढ़ सकती है। रोगी में एस्ट्रोजन का स्तर पहले की तरह रखने व हृदय रोगों की आशंका घटाने के लिए आईवीएफ ट्रीटमेंट के साथ हार्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी भी देते हैं। ऑस्टियोपोरोसिस की आशंका पीओआई के रोगी में रहती है। ऐसे में इलाज के दौरान कैल्शियम-विटामिन सप्लिमेंट्स देते हैं।

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