
side effects of eating too much salt on health
नई दिल्ली। Side Effects of Salt: हमारे शरीर के लिए नमक की मात्रा निर्धारित है। अगर नमक की मात्रा उससे कम या ज्यादा हुई तो संतुलन बिगड़ जाता है जो सेहत के लिए नुकसानदेह है । जैसे खाने में नमक की मात्रा कम ज्यादा होने पर मुंह का स्वाद बिगड़ सकता है ठीक ऐसे ही ये आपके सेहत को भी नुकसान पहुंच सकता है। डबल्यूएचओ के अनुसार एक स्वस्थ इंसान को रोजाना 5 ग्राम से ज्यादा नमक का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। नमक का ज्यादा सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और दिल से संबंधित कई बीमारियां होने का खतरा अधिक रहता है। जितनी जल्दी हो सके, भोजन में नमक की मात्रा को कम करें। वयस्क भारतीयों में ज्यादातर को खूब नमक खाने की आदत होती है। ये लोग डब्ल्यूएचओ द्वारा निर्धारित प्रतिदिन नमक के सेवन की मात्रा से ज्यादा खाते हैं। रोजाना 5 ग्राम से ज्यादा नमक किसी भी हाल में नहीं खाएं। आइए जानते हैं ज्यादा नमक खाने के नुकसान के बारे में।
अधिक नमक खाने के नुकसान
हृदय रोग :
नमक का अधिक सेवन करने के कारण हृदय की मांसपेशियों में ज्यादा खिंचाव होता है। इसके कारण यह कोशिकाएं स्वत: बढ़ने लगती हैं और हृदय की कार्यप्रणाली में बाधा पहुंचती है। इसके बाद हृदय के कई सारे फंक्शन ठीक तरीके से कार्य करने में सक्षम नहीं रहते हैं। इसका घातक परिणाम कई प्रकार के हृदय रोगों का खतरा कई गुना तक बढ़ा देता है।
वाटर रिटेंशन :
शरीर में नमक की मात्रा ज्यादा होने पर पानी जरूरत से ज्यादा जमा हो जाता है। यह स्थिति वाटर रिटेंशन या फ्लूड रिटेंशन कहलाती है। ऐसी स्थिति में हाथ, पैर और चेहरे में सूजन हो जाता है। इससे त्वचा भी सूज जाती है। इसलिए शरीर में नमक की मात्रा का ध्यान रखने के साथ भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए।
किडनी स्टोन :
किडनी स्टोन कई प्रकार की मेडिकल कंडीशन के बाद उत्पन्न होती है। यूरिन के जरिए अगर हमारे शरीर से पर्याप्त मात्रा में यूरिक एसिड बाहर नहीं निकलता तो यह क्रिस्टल के रूप में हमारी किडनी में इकट्ठा होने लगता है। नमक का अधिक सेवन करने के कारण ही यह समस्या उत्पन्न हो सकती है। वहीं, जिन लोगों को पहले से ही किडनी स्टोन की समस्या है, उन्हें तो निश्चित रूप से ही सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए।
हाई बीपी :
ज्यादा मात्रा में नमक लेने से हाई बीपी की शिकायत रहती है। हाई बीपी कई तरह की गंभीर बीमारियों का कारण होता है। दिल एवं दिमाग संबंधी रोगों के साथ-साथ बीपी शरीर के कई अंगों को प्रभावित करता है।
Updated on:
12 Nov 2021 02:16 pm
Published on:
12 Nov 2021 02:15 pm
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