पौरुष ग्रन्थि में संक्रमण से बुखार के साथ रुक सकता है यूरिन

पौरुष ग्रन्थि में संक्रमण से बुखार के साथ रुक सकता है यूरिन

Jitendra Kumar Rangey | Publish: Mar, 23 2019 04:44:31 PM (IST) | Updated: Mar, 23 2019 04:44:32 PM (IST) स्वास्थ्य

यूरिन निकलते समय ब्लैडर पर दबाव होता है। ऐसे में बार-बार यूरिन आने जैसा लगता है।

50 वर्ष की आयु के बाद बढ़ता प्रोस्टेट का आकार

जैसे-जैसे पुरुषों की आयु बढ़ती है, उनके शरीर में कई तरह के परिवर्तन होते हैं। इन परिवर्तनों में से अधिकांश की पौरुष ग्रंन्थि (प्रोस्टेट) बढ़ जाती है। सामान्यत: 50 वर्ष की आयु के बाद प्रोस्टेट का आकार बढ़ता है। प्रोस्टेटाइटिस, बीपीएच (बेनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया), कैंसरप्रोस्टेट में विकसित होने वाले रोग हैं। बीपीएच को पौरुष ग्रंथि विस्तार भी कहा जाता है। बुजुर्गों में बीपीएच सबसे ज्यादा होता है। यह प्रोस्टेट की परेशानी की लंबे समय तक अनदेखी और इलाज में लापवाही से किडनी में स्टोन व किडनी तक खराब हो सकती है। तकलीफ होने पर चिकित्सक की परामर्श से जांचों से इसकी पहचान होती है।
पौरुष ग्रंथि में यदि संक्रमण हो तो बुखार आ सकता है। ऐसे में यूरिन नहीं आ रहा है या तेज दर्द के साथ यूरिन बूंद-बूंद आ रहा है तो इससे ब्लैडर में यूरिन भर जाता है। पीडि़त को उल्टियां भी आ सकती है। यह पौरुष ग्रंथि से जुड़ा रोग है। इस तरह का संक्रमण 30-35 वर्ष की उम्र में भी हो सकता है। बड़े आकार के प्रोस्टेट वाले कुछ पुरुषों में ज्यादा लक्षण हो सकते हैं, जबकि बहुत बड़े प्रोस्टेट वाले पुरुषों में कम लक्षण हो सकते हैं। कुछ पुरुषों में यूरिन का बूंद-बूंद टपकना लंबे समय तक हो सकता है। बढ़ा प्रोस्टेट यूरिन को सीधे प्रभावित करता है, क्योंकि ब्लेडर पर दबाव होता है या ब्लेडर संवेदनशील हो जाता है। इससे यूरिन के निकलने को लेकर तीव्र इच्छा होती है। ब्लैडर में खुद को खाली करने की क्षमता नहीं होती है। इसलिए थोड़ी-थोड़ी देर में यूरिन आने जैसा महसूस होता है। बीपीएच आयु के साथ बढ़ता है। 70 वर्ष और इससे अधिक आयु के पुरुषों में यह दिक्कत सबसे अधिक होती है। एक अध्ययन के अनुसार भारत में आयु के हिसाब से बीपीएच की समस्या 40-49 वर्ष में 25%, 50-59 में 37%, 60-69 वर्ष में 37% और 70-79 वर्ष में 50% होती है। इससे पुरुषों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। संक्रमण बढ़ जाए व मवाद ज्यादा हो तो सर्जरी से इलाज करते हैं।

यह सावधानियां बरतें
कई पुरुषों का प्रोस्टेट आयु के साथ बढ़ता है, क्योंकि यह ग्रंथि जीवनभर वृद्धि करना बंद नहीं करती है। पैल्विक फ्लोर मसल्स को मजबूत करने के लिए व्यायाम करने से आराम मिल सकता है। तरल पदार्थों का रात के समय कम प्रयोग करेंं। कैफीन और एल्कोहल से बचें।

नींद में हो सकती समस्या
लंबे समय तक नींद में रुकावट से अनिद्रा की शिकायत हो सकती है। 50 वर्ष की आयु के बाद, प्रोस्टेट कैंसर के परिवारिक इतिहास वाले 40 वर्षीय लोगों जिनमें यूरिन संबंधी समस्या है उन्हें पीएसए टेस्ट और डिजिटल रेक्टल परीक्षण करवाना चाहिए।
बीपीएच के लक्षण
बार-बार और जल्दी यूरिन आना
रात में बार-बार यूरिन आना
यूरिन करने में कठिनाई
यूरिन करने में कमजोरी या रूक-रूक कर आना
ब्लेडर पूरी तरह खाली न होना
यूरिन में संक्रमण व खून आना

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