ब्लड कैंसर के खतरे को कम करती है विटामिन-सी

विटामिन-सी की रोजाना खुराक में वृद्धि घातक रक्त कैंसर (ल्यूकेमिया) के विकास को रोकने में उपयोगी साबित हो सकती है।

By: विकास गुप्ता

Published: 22 Aug 2017, 08:19 PM IST

विटामिन-सी की रोजाना खुराक में वृद्धि घातक रक्त कैंसर (ल्यूकेमिया) के विकास को रोकने में उपयोगी साबित हो सकती है।पिछले शोधों पता चला है कि कि एस्कॉर्बेट (विटामिन-सी) के निचले स्तर वाले लोगों में कैंसर का अधिक जोखिम हो सकता है, लेकिन इनके कारणों पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हुए हैं।


इस नए शोध से पता चला है कि स्टेम कोशिकाएं (मूल कोशिकाएं) असामान्य रूप से विटामिन-सी के उच्च स्तर को अवशोषित करती हैं और सेल फंक्शन को नियंत्रित कर ल्यूकेमिया के विकास को रोकती हैं।


यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास साउथवेस्टर्न मेडिकल सेंटर के मिचेलिस एगाचोसीलस ने बताया, ''स्टेम सेल डीएनए पर कुछ रासायनिक संशोधनों के प्रचुरता को विनियमित करने के लिए विटामिन-सी का उपयोग करते हैं, जो एपीजिनोम का हिस्सा हैं।


उन्होंने कहा, ''एपिजेनोम एक कोशिका के अंदर के तंत्र का एक समूह है, जो जीन को चालू रखने और बंद करने की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। इसलिए जब स्टेम कोशिकाओं को पर्याप्त विटामिन-सी नहीं मिलता है, तो एपिजीनोम एक तरह से क्षतिग्रस्त हो जाता है, जिससे न केवल स्टेम सेल फंक्शन बढ़ जाता है, बल्कि यह ल्यूकेमिया का खतरा भी बढ़ा सकता है।यह शोध 'नेचर' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

ब्लड कैंस के लक्ष्ण

हड्डियो व जोड़ों में दर्द।

सामान्य रक्त स्राव। आंतो व ग्रंथियों का आकार बढ़ना।

चक्कर आना। बुखार आना व ठंड लगना। बार बार संक्रमण होना। मितली आना।

रात को पसीना आना। वजन कम होना।

पेट में दर्द विशेष रुप से पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द।

कारण
अगर आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है तो आपको ब्लड कैंसर हो सकता है।

संक्रमण से ग्रसित होने पर ब्लड कैंसर होने की संभावना हो सकती है।

किसी अन्य प्रकार के कैंसर के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली रेडिएशन थेरेपी की हाई डोज से ब्लड कैंसर हो सकता है।

एचआईवी व एड्स जैसे संक्रमण होने से इम्यून सिस्टम प्रभावित होता है जिससे ब्लड कैंसर का खतरा हो सकता है।

विकास गुप्ता
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