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ईटिंग डिसऑर्डर का कहीं आप भी तो नहीं हो गए हैं शिकार? जानिए इन लक्षणों के बारे में

ईटिंग डिसऑर्डर की बात करें तो इसके होने पर व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खाना खाता है,ऐसे में व्यक्ति का वेट बढ़ना शुरू हो जाता है,इससे न केवल आपके शरीर के ऊपर बुरा प्रभाव पड़ता है वहीं पेट की सेहत के ऊपर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।
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नई दिल्ली

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Neelam Chouhan

•

Updated: 14 Jan 2022, 12:43 PM IST

ईटिंग डिसऑर्डर का कहीं आप भी तो नहीं हो गए हैं शिकार? जानिए  इन लक्षणों के बारे में

health tips

ईटिंग डिसऑर्डर की हैबिट की बात करें तो ये बिल्कुल भी अच्छी आदत नहीं होती है,इसके होने पर व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खाना शुरू कर देता है, ईटिंग डिसऑर्डर करने से शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ने लग जाती है,खाना सेहत को स्वस्थ बना के रखने का काम करता है लेकिन यदि ये ज्यादा मात्रा में हो जाए तो ये नुकसान भी पंहुचा सकता है। ज्यादा खाने के सेवन से न केवल व्यक्ति का वजन बढ़ना शुरू हो जाता है वहीं व्यक्ति आलस में भी रहता है,इसलिए आपको भी जानना चाहिए कि यदि आप ओवरईटिंग करते हैं तो इसके कौन से लक्षण नजर आ सकते है।

ईटिंग डिसऑर्डर के क्या कारण हो सकते हैं
ईटिंग डिसऑर्डर के कारण की बात करें तो इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन माना जाता है कि इसके पीछे का कारण ज्यादा स्ट्रेस लेना या वातावरण में आए हुए बदलावों के कारण भी हो सकते हैं,वहीं ईटिंग डिसऑर्डर से पुरषों के मुकाबले महिलाओं को अधिक होती है, इसके होने पर या तो व्यक्ति बहुत ही ज्यादा खाता है या बहुत ही कम।

जानिए एनोरेक्सिया नर्वोसा के लक्ष्णों के बारे में-
एनोरेक्सिया नर्वोसा के लक्ष्णों की बात करें तो इसके होने पर व्यक्ति को इस बात का डर रहता है कि कहीं उसका वजन बहुत ही ज्यादा तेजी से तो नहीं बढ़ रहा है, इस डर के कारण व्यक्ति खाना का सेवन कम करता है या न के बराबर करता है, उसको कमजोरी आ जाती है और वहीं इसका असर व्यक्ति के इम्यून सिस्टम के ऊपर भी पड़ता है।

ईटिंग डिसऑर्डर से बचाव
-यदि आपको लगता है कि आप भी ओवरईटिंग कर रहे हैं तो ऐसे आप खाने को रूटीन के हिसाब से ही खाएं,जैसे कि ब्रेकफास्ट,लंच हो या डिनर तीनों को टाइम से ही करें।
-जितना भूख लगे उतना ही खाएं,ज्यादा खाने या कम खाने के सेवन को अवॉयड करें,यदि ऐसा आप करते हैं तो आपकी डाइट नहीं बढ़ेगी और आप स्वस्थ रहेंगें ।
-ज्यादा तेल-मसाले युक्त खाने से बचें कोशिश करें कि उतना ही मसाला डालें जितना खाने में जरूरत हो ताकि स्वाद के चक्कर में आप खाना ज्यादा भी न खा पाए और आपके बॉडी को भी न कोई नुकसान पहुंचे।
-कोशिश करें कि बाहर का खाना ज्यादा न खाएं हमेसा कुछ न कुछ हेल्दी ही खाएं।
-रोजाना हरी सब्जियों का और फलों का भरपूर मात्रा में सेवन करें,ताकि आपके पेट से जुड़ी कई बीमारियां भी दूर रहें और पेट की सेहत भी दुरुस्त रहे,और वहीं आपका पेट भी इनसे लंबे समय तक भरा हुआ रहता है और आपको बार-बार खाने कि भी क्रेविंग नहीं होती है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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