दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से दी गई समय सीमा समाप्त,मिर्चपुर हिंसा के किसी सजायाफ्ता ने नहीं किया समर्पण

दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से दी गई समय सीमा समाप्त,मिर्चपुर हिंसा के किसी सजायाफ्ता ने नहीं किया समर्पण

Prateek Saini | Publish: Sep, 02 2018 05:30:37 PM (IST) | Updated: Sep, 02 2018 05:30:38 PM (IST) Mirchpur, Haryana, India

जानकार सूत्रों के अनुसार सभी दोषी गांव छोड गए हैं...

(चंडीगढ): हरियाणा के हिसार जिले के मिर्चपुर गांव में वर्ष 2010 में दलितों के साथ की गई हिंसा के मामले में सजायाफ्ता किसी भी दोषी ने समर्पण नहीं किया। दिल्ली हाईकोर्ट ने इन दोषियों को एक सितंबर तक समर्पण का आदेश दिया था।


इलाके में तनाव

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में दलित विरोधी हिंसा के मामले में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के खिलाफ 13 दोषियों की अपील नामंजूर करते हुए उनकी सजा बरकरार रखी थी। इसके अलावा बरी किए गए अन्य 20 अभियुक्तों को सजा सुना दी थी। दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद गांव में तनाव है। दलित बस्ती के चार परिवारों को बाहर भेज दिया गया है। जानकार सूत्रों के अनुसार सभी दोषी गांव छोड गए हैं। अब उनके परिवारों की मदद के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है।

 

सूत्रों का कहना है कि दोषियों के समर्पण करने की संभावना नहीं है। वे सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं। पुलिस ने शनिवार को गश्त की थी। नारनौद थाना प्रभारी साधुराम के अनुसार हमारे पास अदालत के आदेश मौजूद हैं। किसी भी दोषी ने समर्पण नहीं किया। मिर्चपुर हिंसा में एक समुदाय के लोगों ने एक दलित वृद्ध और उसकी दिव्यांग बेटी को जिंदा जला दिया था। इसके अलावा कई दलितों के घर फूंक दिए थे। दलितो ने गांव से पलायन कर दिया था। गांव में बचे दलितों की सुरक्षा के लिए लंबे समय तक पुलिस बल तैनात रखा गया था। विस्थापित दलित परिवारों के लिए प्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार कालोनी बनवा रही है।

 

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