दुष्कर्म की घटनाओं पर अलर्ट हुए अमित शाह

हरियाणा में लगातार बिगड़ रही कानून व्यवस्था पर भाजपा हाईकमान ने मुख्यमंत्री के विरूद्ध अपना रूख कड़ा कर लिया है।

By: शंकर शर्मा

Published: 20 Jan 2018, 09:18 PM IST

चंडीगढ़। हरियाणा में लगातार बिगड़ रही कानून व्यवस्था पर भाजपा हाईकमान ने मुख्यमंत्री के विरूद्ध अपना रूख कड़ा कर लिया है। प्रदेश में मंत्रीमंडल फेरबदल की तैयारी में जुटे मुख्यमंत्री मनोहरलाल को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के दरबार से जमकर फटकार लगाई है।

अपराध की अन्य घटनाओं को एक तरफ करते हुए हाईकमान ने लड़कियों के साथ लगातार हो रही दुष्कर्म की घटनाओं को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नारे के साथ जोड़ते हुए सीएम को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि मंत्रीमंडल में अपनी मनमर्जी से फेरबदल से पहले वह प्रदेश की कानून व्यवस्था सुधारें।


यही नहीं अमित शाह हरियाणा आने से पहले खुद प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों से सरकार का फीडबैक ले रहे हैं। प्रदेश के दो मंत्रियों की अमित शाह के साथ मुलाकात भी हो चुकी है। जिसका मुख्य एजेंडा मुख्यमंत्री मनोहरलाल की कार्यशैली तथा प्रदेश में बिगड़ रही कानून व्यवस्था था।


भाजपा के अंदरुनी सूत्रों के अनुसार प्रदेश सरकार की कार्यशैली को लेकर ‘दिल्ली दरबार’ तक शिकायतों की सिलसिला अभी थमा नहीं है। हरियाणा मामलों के प्रभारी डॉ़ अनिल जैन के अलावा संघ नेताओं के माध्यम से असंतोष का मुद्दा दिल्ली तक लगातार पहुंच रहा है। पिछले साल अगस्त माह में रोहतक में तीन दिन के प्रवास के दौरान कई मंत्रियों-विधायकों व सांसदों ने ही नहीं बल्कि पार्टी नेताओं ने भी शाह के सामने सरकार की कार्यप्रणाली पर नाराजग़ी जताई थी।


अब एक बार फिर अमित शाह हरियाणा आ रहे हैं। बेशक, उनका यह दौरा अगस्त माह में ही तय हो गया था लेकिन वह हरियाणा आकर मोटे तौर पर यही जांचने वाले हैं कि अगस्त में लगाई गई ‘क्लास’ का कितना असर सरकार पर हुआ है। हालांकि राज्य सरकार हरसंभव इस कोशिश में जुटी है कि इस बार शाह के सामने किसी तरह की नाराजग़ी का मामला न उछले लेकिन दिल्ली नेतृत्व को शायद इस बात का पहले से ही आभास है। इसी वजह से पार्टी अध्यक्ष खुद हरियाणा के कई नेताओं व मंत्रियों से फीडबैक लेने में जुटे हैं।


बीते सप्ताह के दौरान मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के दौरान मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाएं जोरों पर उठी। यह शोरगुल आज हुई कार्यकारिणी में बैठक में पूरी तरह से शांत दिखाई दिया। जिस मंत्री को बदलने की चर्चाएं चल रही हैं, वह आज हुई कार्यकारिणी की बैठक में शामिल नहीं हुए।


सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने हाईकमान को जो मंत्रीमंडल में फेरबदल का प्रस्ताव दिया था उसे हाईकमान से फिलहाल रोक दिया है। गैंगरेप के बढ़ते मामलों की वजह से राष्ट्रीय स्तर पर हो रही किरकिरी से नेतृत्व काफी नाराज़ है। सीएम को दो-टूक कहा गया है कि पहले वे राज्य की कानून व्यवस्था पर कंट्रोल करें।


प्रदेश में निरंतर बढ़ रही सामूहिक दुष्कर्म की घटनाओं और कानून व्यवस्था के नेशनल मीडिया में सुर्खियां पाने के बाद मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए मंत्रिमंडल फेरबदल का प्रस्ताव तैयार किया गया था। सूत्रों के अनुसार खट्टर के खास सिपहसलारों द्वारा यह प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन हाईकमान ने बदलाव की बजाय खट्टर को दो टूक शब्दों में यह बोल दिया गया है कि चूंकि गृह मंत्रालय उनके पास है पहले वह प्रदेश की कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करें। उसके बाद हाईकमान द्वारा उनकी किसी भी सिफारिश पर गौर किया जाएगा।

शंकर शर्मा
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