ब्राह्मणों पर टिप्पणी का मामला गरमाया, वित्त मंत्री अभिमन्यु ने बोर्ड चेयरमैन को लिखा पत्र

Shankar Sharma

Publish: May, 17 2018 09:28:50 PM (IST)

Hisar, Haryana, India
ब्राह्मणों पर टिप्पणी का मामला गरमाया, वित्त मंत्री अभिमन्यु ने बोर्ड चेयरमैन को लिखा पत्र

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा में ब्राह्मणों पर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ गया है।

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के विदेश से वापस आते ही एक बार फिर से हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा में ब्राह्मणों पर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ गया है।

हरियाणा के कैबिनेट मंत्री रामबिलास शर्मा तथा ओ.पी.धनखड़ के बाद अब वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु भी इस विवाद में कूद गए हैं। कैप्टन अभिमन्यु ने एस.एस. बोर्ड के चेयरमैन को इस संबंध में एक पत्र लिखकर एचएसएससी के समूचे सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं। यह पूरा विवाद गृह मंत्रालय तक पहुंच चुका है।


इस बीच मुख्यमंत्री ने पूरे घटनाक्रम पर स्टेट्स रिपोर्ट तलब कर ली है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) द्वारा जूनियर इंजीनियर की लिखित परीक्षा में ब्राह्मणों व उनकी बेटियों के प्रति पूछे गए आपत्तिजनक सवाल पर प्रदेश में कई दिनों से विवाद छिड़ा हुआ है। विपक्षी राजनीतिक दल जहां कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष भारती को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं वहीं भाजपा में भी सत्ता व संगठनात्मक मोर्चों पर भारती की घेराबंदी हो रही है।


कैबिनेट मंत्री रामबिलास शर्मा ने इस मामले में ब्राह्मण समुदाय के लोगों के साथ सुलह का प्रयास भी किया लेकिन वह विफल रहा। इस बीच कृषि मंत्री ओ.पी.धनखड़ भी इस मुद्दे पर एसएस बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर चुके हैं। अब वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने एचएसएससी के चेयरमैन बी.बी.भारती को एक पत्र लिखकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है।


कैप्टन अभिमन्यु ने अपने पत्र में कहा, जेई की परीक्षा में एक जाति विशेष और महिलाओं के संबंध में बहुत ही आपत्तिजनक सवाल पूछा गया। यह मामला अति-संवेदनशील है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, इस सवाल से एक वर्ग ही आहत नहीं हुआ बल्कि सर्वसमाज आहत हुआ है। यह सवाल राज्य की सामाजिक समरसता और भाईचारे की भावना के खिलाफ है। वित्त मंत्री ने कहा, यह बात सभी जानते हैं कि प्रश्न-पत्र बनाने में सिर्फ एक व्यक्ति की भूमिका नहीं होती बल्कि इस प्रक्रिया में कई व्यक्ति शामिल होते हैं।

ऐसे में यह बहुत हैरान करने वाली बात है कि किसी ने भी इस सवाल की ओर ध्यान नहीं दिया। ऐसा कुकृत्य करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। आयोग पर सवाल उठाते हुए वित्त मंत्री ने कहा, समाज के एक सम्माननीय वर्ग के प्रति इस तरह की दुर्भावनाओं का प्रदर्शन एक सरकारी संस्था के परीक्षा पत्र में किया गया है। यह दूषित मानसिकता का परिचायक है, जिसे किसी हालत में सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, यह सवाल न केवल समाज विरोधी बल्कि महिला और नस्ल विरोधी भी है। ऐसे में आयोग को इस मामले में तुरंत कार्रवाई कर दोषियों को दंडित करना चाहिए।


गृहमंत्री ने दिया था कार्रवाई का भरोसा: हरियाणा के कई ब्राह्मण संगठनों के प्रतिनिधि इस मुद्दे पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर चुके हैं। यह मुलाकात मुख्यमंत्री के विदेश दौरे के दौरान हुई थी। जिसके चलते राजनाथ सिंह ने हरियाणा के ब्राह्मण प्रतिनिधियों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया था। अब मुख्यमंत्री के विदेश से आते ही यह मामला गरमाने के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

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