एक ही मुद्दे के सवाल पर सरकार का अलग-अलग रूख

हरियाणा विधानसभा में सोमवार को जिस मुद्दे पर कांग्रेस विधायक के सवाल को सरकार ने खारिज कर दिया

By: शंकर शर्मा

Published: 13 Mar 2018, 11:15 PM IST

चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा में सोमवार को जिस मुद्दे पर कांग्रेस विधायक के सवाल को सरकार ने खारिज कर दिया आज उसी मुद्दे पर भाजपा विधायक द्वारा उठाए गए सवाल को न केवल स्वीकार कर लिया गया बल्कि पूरा जवाब भी दिया। मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए फिर से हंगामा किया लेकिन चौधरी के बयानों को सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं बनाया गया।


हरियाणा विधानसभा में बजट सत्र के दौरान सोमवार को कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने प्रदेश की नंदीशालाओं के भीतर तथा बाहर मरने वाली गायों का मुद्दा सदन में उठाया था। किरण चौधरी के इस सवाल को स्वीकार करने के बावजूद सदन की कार्यवाही से बाहर कर दिया। जिसे लेकर सदन में खासा हंगामा हुआ था।


मंगलवार को भाजपा विधायक प्रेमलता इसी मुद्दे को सदन में फिर से उठाया। प्रेम लता ने सरकार से पूछा की प्लास्टिक तथा अन्य अपशिष्ट खाने के कारण हुई बीमारियों तथा मौतों से गायों को बचाने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं। इसके अलावा गायों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए शैड निर्माण की दिशा में क्या कार्रवाई की गई है। हालांकि जिस समय सदन में यह सवाल लगाया गया उस समय प्रेम लता सदन में नहीं थी। जिसके चलते इस मुद्दे पर कोई बहस नहीं हो सकी लेकिन किरण चौधरी ने पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री ओ.पी.धनखड़ द्वारा इस सवाल का जवाब दिए जाने पर आपत्ति जताई।


किरण चौधरी ने सदन में खड़े होकर कहा कि उनके द्वारा भी इस मुद्दे पर सवाल लगाया गया था जिसे कल सरकार ने खारिज कर दिया। किरण चौधरी ने अपना सवाल फिर से लगाए जाने की मांग दोहराई। उधर कांग्रेस विधायक कर्ण दलाल ने स्पीकर से मांग उठाई कि उनके द्वारा लगाए गए जिन सवालों को खारिज किया गया है उनका जवाब भी दिया जाए। कांग्रेसियों द्वारा हंगामा करने पर स्पीकर ने बताया कि दलाल के एक सवाल का जवाब आ गया है वह उन्हें दे दिया जाएगा। इसके उलट किरण चौधरी द्वारा की गई टिप्पणियों को सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं किया गया।


सरकार ने एक लाख गौवंश को गौशालाओं में पहुंचाया
हरियाणा सरकार द्वारा विधायक प्रेमलता द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में सरकार ने बताया है कि एक अक्तूबर 2016 से लेकर 20 फरवरी 2018 तक की अवधि के दौरान कुल एक लाख 21 हजार 712 लावारिस गौवंशियों को पकडक़र गौशालाओं अथवा फाटकों के पीछे भेजा गया है। जिनमें सबसे अधिक सिरसा जिला में 19022 तथा सबसे कम 30 गौवंशी मेवात जिला से पकड़े गए हैं। सरकार ने दावा किया गया कि गौ सेवा आयोग के माध्यम से वर्ष 2016-17 के दौरान 330 लाख तथा 2017-2018 के दौरान 70 लाख रुपए की धनराशि जारी की गई है। राज्य के 22 जिलों में बेसहारा गौवंश की देखभाल के लिए अभी तक कुल 400 लाख रुपए की धनराशि को जारी किया जा चुका है।

शंकर शर्मा
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