सफाई कर्मचारियों को आज फिर मनाने का प्रयास करेगी सरकार

हरियाणा में पिछले नौ मई से जारी सफाई कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल से निपटने में मनोहर लाल खट्टर सरकार के पसीने छूट रहे है।

By: शंकर शर्मा

Published: 24 May 2018, 10:26 PM IST

चंडीगढ़। हरियाणा में पिछले नौ मई से जारी सफाई कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल से निपटने में मनोहर लाल खट्टर सरकार के पसीने छूट रहे है। हड़ताल को समाप्त कराने में मुख्य बाधा सफाई कर्मचारियों की स्थाई करने की मुख्य मांग है। खट्टरसरकार इस मांग को पूरा करने में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश की मजबूरी बता रही है और कर्मचारी नेता इस पर समझौता करने को तैयार नहीं है।


राज्य सरकार की ओर से सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ नए ठेके भी दिए हैं लेकिन हड़ताल पर गए सफाई कर्मचारियों ने इन ठेकेदारों को काम करने से रोका है और इस सिलसिले में मुकदमे भी दर्ज किए गए है। खट््टर सरकार ने हड़ताल समाप्त कराने के मुद््दे पर विचार कर रिपोर्ट देने के लिए अधिकारियों की एक कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी ने बुधवार को कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक में यह रिपोर्ट पेश की। लेकिन मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही गुरूवार को सफाई कर्मचारी नेताओं से वार्ता के लिए फिर एक कमेटी का गठन कर दिया।

इस कमेटी में शहरी निकाय मंत्री कविता जैन और सामाजिक न्याय राज्यमंत्री कृृष्ण कुमार बेदी समेत तीन मंत्री व अधिकारियों को शामिल किया है। इस कमेटी ने गुरूवार को चंडीगढ़ में हरियाणा निवास में वार्ता के लिए सफाई कर्मचारी नेताओं को न्यौता दिया है। वार्ता गुरूवार सुबह दस बजे शुरू होगी।


बेदी ने बताया कि सफाई कर्मचारी नेताओं को वार्ता का न्यौता भेजा गया है। उन्होंने बताया कि वार्ता सफाई कर्मचारियों के 11 सूत्रीय मांगपत्र पर होगी। वार्ता में सरकार का रूख मांगों के प्रति सकारात्मक रहेगा। स्थाई करने की कर्मचारियों की मुख्य मंाग के बारे में सरकार का रूख क्या है? इस सवाल पर बेदी ने कहा कि वार्ता किसी एक मांग पर केन्द्रित न होकर पूरे मांगपत्र पर होगी।

सरकार संवेदनशीलता के साथ मांगों को पूरा कर हडताल समाप्त कराना चाहती है। बेदी के बयान से जाहिर है कि वार्ता में सफाई कर्मचारियों की स्थायी करने की मांग पर नेताओं को मनाने का प्रयास किया जाएगा। यही कारण है कि मुख्य मांग के बारे में सरकार पहले कुछ कहने की स्थिति में नहीं थी।

अधिकारियों की पहली कमेटी की रिपोर्ट में क्या सौंपा गया था?इस सवाल पर बेदी ने कहा कि अभी कुछ खुलासा नहीं किया गया है। नई कमेटी का गठन सरकार ने कर दिया है और यह वार्ता करके हडताल का समाधान करने का प्रयास करेगी। जाहिर है कि पहली कमेटी की रिपोर्ट पर सरकार आश्वस्त नहीं थी और फिर नई कमेटी का गठन कर वार्ता कराने का फेसला किया गया।

शंकर शर्मा
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