हरियाणा सरकार ने हुड्डा पर कसा शिकंजा

सुप्रीम कोर्ट द्वारा मानेसर जमीन घोटाले में फैसला सुनाए जाने के बाद अब हरियाणा सरकार के हौंसले बुलंद हैं।

By: शंकर शर्मा

Published: 13 Mar 2018, 10:53 PM IST

चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मानेसर जमीन घोटाले में फैसला सुनाए जाने के बाद अब हरियाणा सरकार के हौंसले बुलंद हैं। जिसके चलते सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के विरूद्ध दो अन्य मामलों की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है। यह दोनो केस भी भूमि अधिग्रहण से ही जुड़े हुए हैं। मंगलवार को हरियाणा विधानसभा में मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने यह घोषणा की।


सरकार जिन केसों को जांच के लिए सीबीआई के हवाले करने जा रही है उनमें एक मामला रोहतक में किसानों की जमीन पर लाइसेंस देने और दूसरा सोनीपत के खरखौदा में आईएमटी से जुड़ा है। हुड्डा के खिलाफ दो और मामलों में सीबीआई जांच के बाद अब उनके खिलाफ सीबीआई की जांच अधीन कुल छह मामले हो जाएंगे।


मानेसर में जिस भूमि अधिग्रहण मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है, उसकी जांच सरकार पहले ही सीबीआई को सौंप चुकी है। सीबीआई इस मामले में हुड्डा के खिलाफ पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट भी दायर कर चुकी है।

दिलचस्प बात यह है कि मंगलवार को मुख्यमंत्री खट्टर ने सदन के भीतर तथा बाहर यह साफ नहीं किया कि रोहतक में कौन सी जमीन की सीबीआई जांच होगी। बाद में सरकार द्वारा अधिकारिक रूप से जारी की गई जानकारी में कहा गया कि रोहतक के उदार गगन मामले की जांच सीबीआई को दी गई है। हुड्डा सरकार में रोहतक में उदार गगन नाम की कंपनी को किसानों की जमीन पर लाइसेंस दे दिया गया था। सेक्शन-9 का अवार्ड होने के बाद भी कैसे रजिस्ट्रियां हुई और किस तरह से लाइसेंस दिए गए, इसकी जांच सीबीआई करेगी।


इसके साथ ही सोनीपत के तीन गांवों नामत: नांगल गांव, अटेरना और सेरसा की जमीन अधिग्रहण का मामला भी सीबीआई को दिया गया है। उन्होंने कहा कि इन गांवों की 885 एकड भूमि का अधिग्रहण किया जाना था और सैक्शन-4 और सैक्शन-6 के बीच में जमीन को छोडा जा सकता है परंतु सैक्शन-6 होने के उपरांत सरकार को पूरी जमीन का अधिग्रहण करना होता है परंतु पूर्व की सरकार के समय में लगभग 650 एकड़ भूमि क्यों छोडी गई, यह मामला सीबीआई को सौंपा गया है और सीबीआई की जांच में जो सिफारिश आएगी उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी और जो कोई भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्यवाही होगी।


पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित नेशनल हेराल्ड के प्लाट अलॉटमेंट मामले के अलावा पंचकूला में ही औद्योगिक प्लॉट आवंटन की सीबीआई जांच जारी है। मानेसर भूमि मामले की सीबीआई जांच चल रही है और इसमें सीबीआई चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है। खट्टर सरकार ने सत्ता में आने के बाद करनाल बंट नामक बीमारी के लिए खरीदी गई रैक्सील दवा की जांच भी सीबीआई को सौंपी हुई है।


विपक्ष के नेता अभय चौटाला ने हुड्डा के खिलाफ दी गई 400 पेज की चार्जशीट पर जांच का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, करीब चार साल पहले यह चार्जशीट दी गई थी लेकिन भाजपा सरकार इस मामले में हुड्डा के साथ मिली हुई नजऱ आ रही है। अभय के जवाब पर सीएम ने कहा, यह चार्जशीट 400 नहीं बल्कि 290 पेज की है। चार्जशीट का अध्ययन करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा, हम किसी के खिलाफ राजनीतिक द्वेष की भावना से काम नहीं करते। पहले मामलों की जांच करवाई जाती है, उसमें तथ्य मिलते हैं तो उन्हें आगे बढ़ाते हैं।

शंकर शर्मा
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