अपनी जाति बताने से पीछे हटे हरियाणा के एचसीएस अधिकारी

हरियाणा में जाटों समेत छह जातियों को आरक्षण प्रदान करने से पहले किए जा रहे सर्वे में एचसीएस वर्ग के अधिकारी अपनी जाति को सार्वजनिक करने से पीछे हट रहे

By: शंकर शर्मा

Published: 10 Nov 2017, 11:14 PM IST

चंडीगढ़। हरियाणा में जाटों समेत छह जातियों को आरक्षण प्रदान करने से पहले किए जा रहे सर्वे में एचसीएस वर्ग के अधिकारी अपनी जाति को सार्वजनिक करने से पीछे हट रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव ने हस्तक्षेप करते हुए प्रदेश के सभी एचसीएस अधिकारियों को पत्र जारी करके तत्काल प्रभाव से अपनी जाति बताने के निर्देश जारी किए हैं।


क्या है पूरा विवाद: हरियाणा में जाटों समेत छह जातियों को आरक्षण प्रदान करने के मुद्दा लंबे समय से गरमाया हुआ है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों पर हरियाणा सरकार द्वारा गठित ओबीसी आयोग आरक्षण प्रदान करने के लिए ड्राफ्ट तैयार कर रहा है। आयोग को हरियाणा के वर्तमान आरक्षण ढांचे की एक विस्तृत रिपोर्ट हाईकोर्ट में दाखिल करनी है। जिसके चलते आयोग ने हरियाणा सरकार से प्रदेश के सभी विभागों में तैनात कर्मचारियों व अधिकारियों का जाति आधारित डाटा मांगा है। इसी के आधार पर आयोग द्वारा जातिगत उपलब्धियों की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।


हरियाणा में जाट आरक्षण का विरोध करने वाली अफसरशाही की एक बड़ी लॉबी शुरू से इस बात का दावा करती रही है कि प्रदेश में उच्च पदों पर जाति विशेष का कब्जा है। जिसके चलते अधिकारियों की एक लॉबी आरक्षण प्रक्रिया का विरोध कर रही है। सूत्रों की मानें तो हरियाणा सरकार ने हालही में सभी विभागों को एक पत्र जारी करके अपने-अपने अधिकारियों व कर्मचारियों की जाति सार्वजनिक करने के आदेश जारी किए थे। सरकार के इन आदेशों को एचसीएस अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया और जाति बताने में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई।


क्या है अफसरशाही का ढांचा:हरियाणा में इस समय आईएएस कॉडर में कुल 212 पद स्वीकृत हैं। जिनमें 148 सीधी भर्ती तथा 64 पदोन्नति के साथ तैनात किए जा ते हैं। वर्तमान में 144 आईएएस कार्यरत हैं और 18 केंद्र व अन्य स्थानों पर प्रतिनियुक्ति के तहत सेवाएं दे रहे हैं। इसी तरह एचसीएस के 208 पदों को बढ़ाकर हालही में सरकार ने 300 कर दिया है लेकिन वर्तमान में 197 ही डयूटी दे रहे हैं।


मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी 208 एचसीएस अधिकारियों को एक पत्र जारी करके निर्देश दिए हैं कि वह मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना किसी देरी के अपनी जाति घोषित करें। एचसीएस अधिकारियों को आज दूसरी बार भेजे गए इस पत्र में पहले पत्र का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि यह मामला हाईकोर्ट से जुड़ा है। अधिकारियों द्वारा अपनी जाति घोषित किए जाने के बाद इसे (मानव संसाधन प्रबंधन सिस्टम) एचआरएमएस में शामिल किया जाएगा। जिसके आधार पर अधिकारियों की तैनाती का डाटा तैयार होगा। इसलिए इस पत्र को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से जाति घोषित की जाए।

शंकर शर्मा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned