हरियाणा पुलिस की सार्थक पहल, अब इजराइल की तकनीक से कंट्रोल होगा क्राइम

हरियाणा पुलिस अब अपराधिक घटनाओं पर काबू पाने के लिए इजराइल की तकनीक का इस्तेमाल करेगी।

By: शंकर शर्मा

Published: 24 May 2018, 10:35 PM IST

चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस अब अपराधिक घटनाओं पर काबू पाने के लिए इजराइल की तकनीक का इस्तेमाल करेगी। राज्य पुलिस अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का फेस और वॉयस डाटा बैंक तैयार करेगी। यह डाटा बैंक इजराइल की तकनीकी पर चलेगा। हरियाणा अगर इस तकनीक को लागू करता है तो संभ्वत न केवल देश का पहला प्रदेश होगा बल्कि यहां अपराधिक घटनाओं पर काबू पाने में भी पुलिस को खासी मदद मिलेगी। अपराधियों के अलावा क्राइम नेचर के लोगों का डॉटा भी अपग्रेड किया जाएगा।


हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने हालही में इजराल दौरा किया था। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की पुलिस को इजराइल की तकनीकी पर अधिक चुस्त-दुरूस्त बनाना था। इससे पहले जाट आरक्षण आंदोलन में अधिकारियों की भूमिका की जांच करने वाले उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह ने भी हरियाणा पुलिस को आधुनिक प्रशिक्षण दिए जाने की सिफारिश की थी।


मुख्यमंत्री के साथ इजराइल दौरे पर गए सीआईडी चीफ अनिल राव, एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) मोहम्मद अकील और रोहतक रेंज के आईजी नवदीप ङ्क्षसह विर्क ने भी गए थे। इजराल की इस तकनीक को लागू करने के लिए पुलिस अधिकारियों ने पुलिस महानिदेशक से भी बातचीत कर ली है।

पुलिस की तकनीकी टीम द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। प्रस्ताव बनते ही इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में गृह विभाग की अहम बैठक होगी।


पंचकूला में बनाए जा रहे डायल-100 के सेंट्रलाइज्ड सेंटर के साथ इस डॉटा बैंक को कनेक्ट करने की योजना है। यह तकनीक पूरी तरह से आईटी पर निर्भर होगी और इसके लिए बाकायदा सॉफ्टवेयर तैयार कराया जाएगा। आईटी विशेषज्ञों और सॉफ्टवेयर तैयार करने वाली कंपनियों से भी राय ली जाएगी।


सूत्रों की मानें तो अपराधियों के अलावा संदिगध किस्म के लोगों के चेहरे के फोटो और उनकी आवाज को स्टोर करके यह डॉटा बैंक तैयार होगा। इस डॉटा बैंक को सीसीटीवी कैमरों के साथ कनेक्ट किया जाएगा।


प्रदेश भर में भीड़-भाड़ वाली जगहों, सार्वजनिक स्थलों के अलावा प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व वीवीआईपी लोगों के बड़े कार्यक्रमों के दौरान सभास्थल पर भी सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। हरियाणा के सीआईडी चीफ अनिल राव ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इज़राइल का दौरा काफी अनुभव वाला रहा है। क्राइम रोकने के लिए आईटी तकनीक को बढ़ाया जाएगा। फेस और वॉयस डाटा बैंक तैयार करने का फैसला लिया गया है। इस बारे विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही इस मामले पर उच्च स्तरीय बैठक होगी।

कैसे काम करेगा पुलिस का डाटा बैंक
अपराधियों व संदिगध लोगों के चेहरे की फोटो डॉटा बैंक में स्टोर होने के बाद ऐसे लोगों पर नजऱ रखने में आसानी रहेगी। वीवीआईपी कार्यक्रमों के दौरान इस तरह के लोग अगर सभास्थल पर पहुंचेंगे तो सीसीटीवी के जरिये उनकी फोटो क्लिक हो जाएगी। इसके बाद सॉफ्टवेयर पहले से डॉटा बैंक में स्टोर फोटो के साथ इसे मैच करेगा। फोटो का मिलान होते ही पुलिस कंट्रोल रूम का अलार्म बजेगा। ऐसा होते ही पुलिस अलर्ट होगी और कुछ भी अप्रिय होने से पहले उसे काबू किया जा सकेगा।

शंकर शर्मा
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