मानेसर जमीन घोटाला : सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही आक्रामक हुई भाजपा

मानेसर जमीन घोटाले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को प्रदेश की भाजपा सरकार ने मजबूती दी है।

By: शंकर शर्मा

Published: 13 Mar 2018, 11:21 PM IST

चंडीगढ़। हरियाणा की पूर्व हुड्डा सरकार के कार्यकाल में हुए कथित मानेसर जमीन घोटाले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को प्रदेश की भाजपा सरकार ने मजबूती दी है। पिछले कई दिनों से विधानसभा में विपक्ष की घेराबंदी का सामना कर रही भाजपा आज आक्रामक दिखाई दी और कांग्रेस को घेर लिया।


प्रश्नकाल के बाद जैसे ही शून्यकाल की शुरूआत हुई तो भाजपा विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मुद्दा बनाकर कांग्रेस को घेर लिया। मानेसर भूमि घोटाले में हुड्डा सरकार के समय हुई भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया रद्द करने के फैसले को सीधे भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए भाजपाइयों ने पूर्व सीएम हुड्डा और कांग्रेस सरकार पर ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, उद्योग मंत्री विपुल गोयल, सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के अलावा विधायक ज्ञानचंद गुप्ता, पवन सैनी, मूलचंद शर्मा, सीमा त्रिखा, महिपाल ढांडा, असीम गोयल व नायब सैनी आदि ने मानेसर भूमि घोटाले में कांग्रेसियों को घेरा।


भाजपा के करीब आधा दर्जन विधायकों के शोर के सामने कांग्रेसियों की आवाज दबती नजऱ आई। स्पीकर कंवरपाल गुर्जर बार-बार भाजपाइयों को शांत करने की कोशिश करते रहे लेकिन उनकी आवाज कम नहीं हुई। आखिर में स्पीकर को भी अपनी सीट से उठना पड़ा। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सदन में चर्चा करवाने की मांग तक कर डाली।


भाजपा विधायकों जब यह मुद्दा उठाया तो किरण चौधरी जहां चुप बैठी रही वहीं डॉ. रघुबीर कादयान, कुलदीप शर्मा, कर्ण दलाल व गीता भुक्कल इस मामले में हुड्डा का बचाव करते दिखाई दिए। कादियान व शर्मा ने कहा कि कोर्ट के मामले पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती। स्पीकर ने दो-टूक कहा, केवल उसी मामले की सदन में चर्चा नहीं हो सकती जो कोर्ट में विचाराधीन हो।

इस मामले में तो सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है। इस पर बात करने में कोई आपत्ति नहीं है। पिछले कई दिनों से जहां विपक्ष द्वारा भाजपा सरकार को अपने निशाने पर लिया जा रहा था वहीं आज भाजपा पूरी तैयारी के साथ सदन में आई थी। जिसके बारे में कांग्रेसियों ने सोचा तक नहीं था।

खुद सीएम मनोहर लाल खट्टर सुप्रीम कोर्ट का फैसला हाथों में लिए हुए थे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की कुछ टिप्पणियां सदन में पढक़र सुनाई भी। उन्होंने कहा, जस्टिस (ढींगरा) आयोग की रिपोर्ट पर भी सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को दो माह में फैसला करने के आदेश दिए हैं। यह फैसला आने के बाद कई चीजों का पटाक्षेप होगा।

शंकर शर्मा
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