एक बार फिर गुरु शिष्य का रिश्ता हुआ तार-तार, 2 छात्रों से किया कुकर्म

Shankar Sharma

Publish: Oct, 13 2017 10:53:01 (IST)

Hisar, Haryana, India
एक बार फिर गुरु शिष्य का रिश्ता हुआ तार-तार, 2 छात्रों से किया कुकर्म

एक बार फिर गुरु शिष्य का रिश्ता हुआ तार-तार, 2 छात्रों से किया कुकर्म इंद्री। हरियाणा में एक बार फिर गुरु शिष्य के रिश्ते तार-तार हुए

इंद्री। हरियाणा में एक बार फिर गुरु शिष्य के रिश्ते तार-तार हुए। इंद्री के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में टीचर द्वारा दो छात्रों के साथ यौन शोषण किया गया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ये मामला कई दिन पुराना है।


इस मामले को रफा दफा करने के लिए कई बार पंचायत भी हुई लेकिन कोई भी निष्कर्ष नहीं निकला। पीडि़त छात्रों के अभिभावकों द्वारा जिला बाल संरक्षण अधिकारी के समक्ष सारा मामला रखने के बाद जांच पड़ताल से मामला सामने आया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने पीडि़त छात्रों और उनके अभिभावकों के बयानों के आधार पर अपनी रिपोर्ट इंद्री पुलिस को भेजी गई।


पुलिस जांच के लिए स्कूल में पहुंची और स्कूल के अध्यापकों से पूछताछ करनी शुरू कर दी है। डीएसपी कुशल पाल सिंह ने कहा कि सीनियर सेकेंडरी स्कूल का अध्यापक किशनपाल स्कूल के छात्रों को लेकर करनाल में एक कार्यक्रम में गया था। रात को यह अध्यापक छात्रों को लेकर करनाल में रुका था।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार उसने वहां दो छात्रों के साथ कुकर्म किया। उन्होंने जिला बाल संरक्षण अधिकारी की संस्कृति पर अध्यापक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया और आगामी कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही आरोपी अध्यापक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

 

मुरथल गैंगरेप मामले में खुलासा
जाट हिंसा के दौरान मुरथल में हुए रेप मामले में एमिकस क्यूरी के तौर पर हरियाणा हाई कोर्ट की मदद कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनुपम गुप्ता ने न्यायालय को जांच आगे बढ़ाने के लिए कहा है। एमिकस क्यूरी ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि वह फरवरी 2016 में सोनीपत के मुरथल में हुए रेप के मामलों की जांच सीबीआई को सौंप दे।


सुनवाई के दैरान एमिकस क्यूरी अनुपम गुप्ता ने हाईकोर्ट को बताया है कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान 22 और 23 फरवरी 2016 की रात को मुरथल में 9 गैंग रेप हुए थे। जाट आरक्षण आंदोलन की जांच के लिए गठित प्रकाश सिंह कमेटी के सदस्य आईएएस विजय वर्धन से उन्हें यह जानकारी दी थी। विजय वर्धन को यह जानकारी कमेटी के दूसरे सदस्य हरियाणा के पूर्व डीजीपी के पी सिंह से मिली थी। अनुपम गुप्ता ने मामले की सुनवाई के दौरान मुरथल में हुए गैंगरेप मामलों की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की है।


अनुपम गुप्ता ने कोर्ट को बताया है कि मुरथल गैंगरेप मामले को लेकर हरियाणा सरकार का रुख नकारात्मक है और सरकार यह साबित करने में लगी हुई है कि मुरथल में कोई दुष्कर्म नहीं हुआ। हरियाणा पुलिस के मुताबिक मुरथल गैंगरेप मामले में अभी तक कोई पीडि़त सामने नहीं आया है ऐसे में जांच आगे नहीं बढ़ रही है। गुप्ता ने सुखदेव ढाबा के मालिक अमरीक सिंह का उदाहरण देते हुए बताया कि उसे घटना की पूरी जानकारी थी लेकिन उसने जांच कर रहे एसआईटी के सदस्यों को कुछ भी नहीं बताया।

अनुपम गुप्ता ने कोर्ट को बताया है कि एक ओर जहां राज्य सरकार मुरथल गैंगरेप मामले की जांच सीबीआई से करवाने का विरोध कर रही है, वहीं दूसरी और जाट आंदोलन के दौरान आग के हवाले किए गए सरकार के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के घर और मुनक नहर में की गई तोडफ़ोड़ के मामलों की जांच सीबीआई के हवाले कर चुकी है।

1212 एफआईआर, 921 मामले अनट्रेस
एमिकस क्यूरी ने कहा जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पूरे हरियाणा में मुरथल गैंग रेप सहित 1212 एफआईआर दर्ज की गई थीं। इनमें से 921 केस में अनट्रेस रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। 184 मामलों में रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है। केवल 173 लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा 81 मामलों में चालान पेश किया गया है। 1105 मामलों को अनअटेंडेड की श्रेणी में रखा गया। तय है कि इस घटना के डेढ़ वर्ष से भी अधिक समय गुजर जाने के बाद भी दोषी पकड़े नहीं गए।

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