सीधे चुनाव पर छात्र संगठनों का ऐलान, नहीं होने देंगे 17 अक्तूबर को मतदान

सीधे चुनाव पर छात्र संगठनों का ऐलान, नहीं होने देंगे 17 अक्तूबर को मतदान

Shankar Sharma | Publish: Oct, 13 2018 11:18:27 PM (IST) Hisar, Haryana, India

हरियाणा में छात्र संघ के चुनाव एक बार से सरकार के गले की फांस बनते जा रहे हैं।

चंडीगढ़। हरियाणा में छात्र संघ के चुनाव एक बार से सरकार के गले की फांस बनते जा रहे हैं। शुक्रवार को चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के साथ शुरू हुआ हंगामा लगातार गहराता जा रहा है। छात्र संघ एनएसयूआई ने आगामी 17 अक्तूबर को होने वाले चुनाव के दौरान मतदान प्रक्रिया को बाधित करने बाधित करने का ऐलान करते हुए सरकार को चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने सीधे चुनाव नहीं करवाए तो समूचे प्रदेश में छात्र सडक़ों पर होंगे और किसी भी अप्रिय घटना के लिए सरकार जिम्मेदार होगी।


शनिवार को चंडीगढ़ में प्रत्यक्ष चुनाव संघर्ष समीति के बैनर तले पत्रकारों से बातचीत करते हुए एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा, इनसो के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष जसविंद्र खैहरा, एसएफआई के अध्यक्ष शहनवाज, जीबीएसओ के अध्यक्ष सुमित चौधरी, डीएएसएफआई के अध्यक्ष जयदीप सिमर, एआईएसएफ के अध्यक्ष प्रिंस ने कहा कि गत दिवस सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा जगह-जगह लाठीचार्ज कर छात्रों को घायल किया गया। जिसके विरोध में छात्र संगठनों द्वारा आज सभी जिलों में सरकार के विरूद्ध प्रदर्शन किया गया।


दिव्यांशु बुद्धिराजा ने कहा कि खट्टर सरकार हमेशा से छात्रो के हकों का हनन करती आ रही है। प्रदेश में 22 वर्षो के बाद अप्रत्यक्ष रूप से छात्र संघ चुनाव तो बहाल हो चुके हंै परंतु इसका विरोध काफी समय से जारी है।
उन्होंने बताया कि एबीवीपी को छोडक़र अन्य सभी छात्र संगठन एनएसयूआई, इनसो,एसएफआई,डीएएसएफआई,एएमवीए,एआईएसएफ,जीबीएसओ,कुसा,सोपू,एवीएसएसओ आदि प्रत्यक्ष चुनाव छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले आ चुके हैं।


समिति अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव का बहिष्कार कर रही है और प्रदेश में छात्रो के लोकतांत्रिक हितों को सुरक्षित करने के लिए प्रत्यक्ष चुनावो की मांग को उठा रही है। भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि अप्रत्यक्ष रूप से छात्र संघ चुनाव करवाकर सरकारी तंत्र की मदद से एबीवीपी को जिताने का सुनियोजित षड्यंत्र रचा जा रहा है। कालेज प्रशासन, विश्वविद्यालय प्रशासन, चपड़ासी से लेकर वाइस चांसलर तक सभी प्रशासनिक लोग सरकार का साथ देते हुए एबीवीपी का सहयोग कर रहे हंै।


छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार के फैसले के विरोध में सभी संगठन पूरी तरह से एकजुट हैं और अब 17 अक्तूबर को हरियाणा के विश्वविद्यालयों में होने वाले चुनाव का न केवल बहिष्कार किया जाएगा बल्कि चुनाव प्रक्रिया को भी बाधित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई के तमाम कार्यकर्ताओं की सभी विश्वविद्यालयों के लिए डयूटियां लगा दी गई हैं और किसी भी विश्वविद्यालय में चुनाव प्रक्रिया नहीं होने दी जाएगी।

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