राहत भरी खबर: एयरपोर्ट हो या होटल, अब पूरे देश में एक दाम में बिकेगा बोतलबंद पानी

अब आपको एयरपोर्ट, होटल और मॉल सभी जगह मिनरल वॉटर बोतल एक ही रेट में मिलेंगी। यानी अब वीवीआईपी स्थानों जैसे कि एयरपोर्ट, होटल और मॉल में मिनरल वॉटर के लिए ज्यादा पैसे नहीं वसूले जा सकेंगे। 

 नई दिल्ली। अगर आप आए दिन सफर करते हैं। इस दौरान देश के अलग-अलग स्थानों पर पीने के पानी के लिए एयरपोर्ट, मॉल, होटल्स आदि जगहों पर मिनरल वॉटर की बोतल के लिए 50 से 60 रुपए प्रति लीटर तक वसूले जाते हैं। तो आप के लिए अच्छी खबर है। अब आपको एयरपोर्ट, होटल और मॉल सभी जगह मिनरल वॉटर बोतल एक ही रेट में मिलेंगी। यानी अब वीवीआईपी स्थानों जैसे कि एयरपोर्ट, होटल और मॉल में मिनरल वॉटर के लिए ज्यादा पैसे नहीं वसूले जा सकेंगे। दरअसल, केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने इस संबंध में ट्वीट कर जानकारी दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि उपभोक्ता फोरम में बोतलबंद पानी की अलग-अलग जगहों पर वसूली जाने वाली कीमतों से जुड़ी शिकायतें बड़े पैमाने पर आ रही हैं। शिकायतों से पता चला है कि कंपनियों द्वारा बाकायदा अलग प्रिंट रेट दर्ज किया जा रहा था। इसका कंपनियों से मंत्रालय द्वारा जवाब भी मांगा गया है। कंपनियों के हेल्पलाइन से लिंक होने से वे हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का खुद ही संज्ञान भी ले रही हैं। गौरतलब है कि अभी सिर्फ केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने ट्वीट करके ही जानकारी दी है, लेकिन इसके कानून के रूप में लागू होने में वक्त लगेगा। इस बोतल की वास्तविक कीमत 10-15 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा नहीं होती है।
शुद्धता की गारंटी नहीं हैं बोतलबंद पानी
अगर आप सोचते हैं कि एक लीटर पानी के लिए 15-60 रुपए तक खर्च कर आप सुरक्षित हैं, तो इस पर दोबारा सोचने की जरूरत है। अमरीका में भी फूड ऐंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के कड़े मानकों के बावजूद वहीं 40 फीसदी बोतलबंद पानी असुरक्षित होता है। भारत में भी स्थिति ज्यादा बेहतर नहीं है। कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि अकसर बोतलबंद पानी निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता है। भारतीय मानक ब्यूरो के पास बोतलबंद पानी की जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। अमरीका हो या भारत, क्वालिटी और शुद्धता के नाम पर आप जो कुछ भी खरीद रहे हैं, वह सिर्फ अपना भरोसा है।  

6000 कंपनियों में से सिर्फ 1500 के पास ही एफएसएसएआई का लाइसेंस
फूड रेगुलेटर एफएसएसएआई के आंकड़े बताते हैं कि देश में बोतलबंद पानी बनाने वाली करीब 6000 कंपनियां हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 1500 के पास ही एफएसएसएआई का लाइसेंस है। दरअसल फूड सेफ्टी कानून के तहत पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के लिए बीआईएस और एफएसएसएआई दोनों से ही लाइसेंस लेना अनिवार्य है। लेकिन, अकसर ये कंपनियां सिर्फ बीआईएस से लाइसेंस ले लेती हैं। हालांकि, अब एफएसएसएआई ने साफ किया है कि जिन पानी की बोलतों पर उनका लाइसेंस नहीं होगा, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
Iftekhar
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned