रविवार को करें इन मंत्रों से भैरव की पूजा, तुरंत पूरी होगी हर मनोकामना

रविवार को यदि भगवान कालभैरव के इन मंत्रों का प्रयोग किया जाए तो निश्चित ही हर इच्छा पूरी होती है

कलियुग में हनुमानजी के अलावा भैरव ही एकमात्र ऐसे देव हैं जिनकी पूजा तुरंत फल देती है। अगर सच्चे मन से उनकी पूजा की जाए तो वो अपने भक्तों की इच्छा पूरी करने में क्षण भर भी देर नहीं करते हैं। विशेष तौर पर यदि भैरवाष्टमी या अष्टमी के दिन तंत्र प्रयोग किए जाए या भगवान कालभैरव के मंत्रों का प्रयोग किया जाए तो निश्चित ही हर इच्छा पूरी होती है।

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इन सभी समस्याओं का होता है निदान

अगर जीवन में कभी बहुत ही बड़ी समस्या आ जाएं या राहू-केतु ग्रह कुंडली में अशुभ असर दे रहे हैं तो भैंरूजी के इन मंत्रों का प्रयोग करना चाहिए। व्यापार में आ रही बाधाओं, प्रबल शत्रु, कोर्ट-कचहरी के मुकदमे में जीत के लिए भी भैंरूजी की आराधना से तुरंत राहत मिलती है।

ये है कालभैरव के मंत्र
ॐ कालभैरवाय नम:
ॐ भयहरणं च भैरव:
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरूकुरू बटुकाय ह्रीं
ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम:
ॐ भ्रां कालभैरवाय फट्‍

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ऐसे करें इन मंत्रों का प्रयोग

रविवार के दिन स्नान-ध्यान आदि से निवृत्त होकर भगवान भैरव की पूजा करें। इन्हें सिंदूर मिश्रित चोला चढ़ाएं तथा फूल-माला, पुष्प, धूप, दीप आदि अर्पित करें। इसके पश्चात भैरव चालिसा का पाठ कर उपरोक्त मंत्रों में से किसी भी एक मंत्र का 108 बार जप करें। अंत में भैंरूजी को प्रसाद अर्पण कर उनसे अपने कष्टों के निवारण की प्रार्थना करें।
सुनील शर्मा
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