पॉजिटिव शुक्र से मिलते हैं सुख, समृदि्ध और भोग विलास 

पॉजिटिव शुक्र से मिलते हैं सुख, समृदि्ध और भोग विलास 

जिनकी कुंडली में शुक्र प्रबल और शुभकारी होता है, वे प्रभावशाली व्यक्तित्व के स्वामी होते हैं


भारतीय ज्योतिष के अनुसार शुक्र ग्रह सुख, सौन्दर्य, और ऎशो-आराम के साधनों से जुड़ा हुआ है। जिनकी कुंडली में शुक्र प्रबल और शुभकारी होता है, वे लोग दिखने में आकर्षक, सुंदर और प्रभावशाली व्यक्तित्व के स्वामी होते हैं। जन्मकुंडली में शुक्र के खराब होने की दशा में व्यक्ति से आरामदायी सुविधाएं छिन जाती है, उसे त्वचा रोग घेर लेते हैं और वह दिखने में अनाकर्षक होता है।


कैसे करें शुक्र को प्रसन्न


जन्मकुंडली में शुक्र के विपरीत फल देने पर शुक्र की चीजों जैसे घी, चावल आदि का दान देना चाहिए। शुक्र सौन्दर्य, भोग, विलास का कारक है इसीलिए बनाव-श्रृंगार और सुख-आराम की वस्तुओं का भी दान किया जा सकता है।


शुक्र मंत्र का करें जाप


ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।



इस मंत्र का प्रतिदिन पाठ करने पर शुक्र के अशुभ फलों में कमी आती है साथ ही वैवाहिक जीवन में होने वाली परेशानियों से भी निजात मिलती है।
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