आज इन मुहूर्त पर आरंभ करें कोई भी कार्य, सौ फीसदी सफल होंगे

Sunil Sharma

Publish: Aug, 23 2017 09:10:00 (IST)

Horoscope
आज इन मुहूर्त पर आरंभ करें कोई भी कार्य, सौ फीसदी सफल होंगे

द्वितीया भद्रा संज्ञक तिथि रात्रि ९.०३ तक, इसके बाद तृतीया जया संज्ञक तिथि रहेगी

द्वितीया भद्रा संज्ञक तिथि रात्रि ९.०३ तक, इसके बाद तृतीया जया संज्ञक तिथि रहेगी। द्वितीया तिथि में विवाहादि मांगलिक कार्य, आभूषण, वास्तु, उपनयन, प्रतिष्ठा व सैन्यसज्जा आदि विषयक कार्य। इसी प्रकार तृतीया तिथि में संगीत-वाद्य-कला कार्य शिक्षा, अन्नप्राशन, सीमन्त कर्म आदि कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं।

नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी ‘उग्र व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र दोपहर बाद २.०४ तक, तदन्तर उत्तरा फाल्गुनी ‘ध्रुव व ऊध्र्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में बंधन, कठिन व साहसिक कार्य, कारीगरी, कूट-कपट के कार्य और विद्यादि सम्बंधी कार्य सिद्ध होते हैं। उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में विवाह, यज्ञोपवीत, घर और स्थिरता सम्बंधी कार्य करने योग्य हैं।

योग: सिद्ध नामक योग रात्रि १.४५ तक, इसके बाद साध्य नामक योग है। दोनों ही नैसर्गिक शुभ योग हैं। विशिष्ट योग: सूर्योदय से दोपहर बाद २.०४ तक राजयोग नामक शुभ योग है। राजयोग में सभी धार्मिक व मांगलिक कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं। करण: बालव नामकरण प्रात: ९.३९ तक, इसके बाद कौलवादि करण रहेंगे।

शुभ विक्रम संवत् : 207४
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 193९
हिजरी संवत् : 143८, मु.मास: जिल्काद-३०
अयन : दक्षिणायन
ऋतु : शरद्
मास : भाद्रपद। पक्ष - शुक्ल।

शुभ मुहूर्त: आज पूर्वा फाल्गुनी व उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में सगाई, रोका आदि तथा उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में विवाह (द्विगर्त प्रदेशीय), गृहारम्भ अतिआवश्यकता में, नामकरण, अन्नप्राशन, कूपारम्भ व विपणि-व्यापारारम्भ के यथाआवश्यक शुभ मुहूर्त हैं।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से प्रात: ९.१८ तक लाभ व अमृत, पूर्वाह्न १०.५६ से दोपहर १२.२९ तक शुभ तथा अपराह्न ३.४१ से सूर्यास्त तक चर व लाभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं। बुधवार को अभिजित नामक मुहूर्त शुभ कार्यों में ग्राह्य नहीं है।

व्रतोत्सव: आज से मेला रूणीचा रामदेव प्रारम्भ ९ दिन का जैसलमेर (राज.), राष्ट्रीय भाद्रपद मास प्रारम्भ, तेलाधर तपस्या (जैन) तथा श्री शंकर देव तिथि (असम), चन्द्र दर्शन उत्तर शृंगोन्नत ४५ मु. होगा। चन्द्रमा: चन्द्रमा रात्रि ८.०१ तक सिंह राशि में, इसके बाद कन्या राशि में रहेगा। दिशाशूल: बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। पर चन्द्र स्थिति के अनुसार पूर्व व दक्षिण दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद रहेगी। राहुकाल: दोपहर १२.०० से दोपहर बाद १.३० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (टू, टे, टो, प, पी) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। रात्रि ८.०१ तक जन्मे जतकों की जन्म राशि सिंह है। इसके बाद जन्मे जातकों की राशि कन्या है। इनका जन्म रजत पाद से है, जो शुभदायक है। सामान्यत: ये जातक सत्य बोलने वाले, जीवन का आनंद लेने वाले, प्रशंसक, तेजस्वी, भ्रमणशील, दानी, कला में निपुण तथा शत्रुजित होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग २८ से ३२ आयु के मध्य होता है। सिंह राशि वाले जातकों को शैक्षिक क्षेत्र में पूर्ण सफलता मिलेगी। प्रभावशाली और बड़े लोगों से सम्पर्क होगा। जिसका आपको पूर्ण लाभ मिलेगा।

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