आज इन कार्यों के लिए बन रहा है शुभ मुहूर्त, आप भी मौका न चूकें

Sunil Sharma

Publish: Aug, 28 2017 09:28:00 (IST)

Horoscope
आज इन कार्यों के लिए बन रहा है शुभ मुहूर्त, आप भी मौका न चूकें

ऐन्द्र नामक नैसर्गिक अशुभ योग रात्रि ११.४६ तक, तदन्तर वैधृति नामक अत्यंत दुद्र्धर्ष व उपद्रवकारी योग है

सप्तमी भद्रा संज्ञक तिथि रात्रि १२.३७ तक, तदन्तर अष्टमी जया संज्ञक तिथि रहेगी। सप्तमी तिथि में सामान्यत: यात्रा, सवारी, नाचना, गाना, वस्त्र, अलंकार, प्रवेश और विवाहादि मांगलिक कार्य शुभ होते हैं। अष्टमी तिथि में मनोरंजन, रत्न, अलंकार, शस्त्र, विवाह व प्रतिष्ठादिक कार्य करने योग्य हैं।

नक्षत्र: विशाखा ‘मिश्र व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र रात्रि ८.१० तक, तदुपरान्त अनुराधा ‘मृदु व तिङ्र्यंमुख’ नक्षत्र है। विशाखा नक्षत्र में यथाआवश्यक पदार्थ संग्रह, अलंकार, कारीगरी, चित्रकारी, प्रहार व औषध सेवन आदि विषयक कार्य करने चाहिए। अनुराधा नक्षत्र में यथाआवश्यक विवाह, जनेऊ, यात्रा, वस्त्रालंकार तथा अन्य चर-स्थिर सम्बंधी कार्य शुभ होते हैं।

योग: ऐन्द्र नामक नैसर्गिक अशुभ योग रात्रि ११.४६ तक, तदन्तर वैधृति नामक अत्यंत दुद्र्धर्ष व उपद्रवकारी योग है। वैधृति नामक योग में समस्त मांगलिक कार्य सर्वथा निषेधनीय है। विशिष्ट योग: आज सूर्योदय से रात्रि ८.१० तक यमघंट नामक अशुभ योग है, तदन्तर अगले दिन सूर्योदय तक सर्वार्थसिद्धि नामक शुभ योग है। यमघंट नामक योग में विशेष रूप से यात्रादि शुभ नहीं होती।

करण: गर नामकरण पूर्वाह्न ११.४० तक, इसके बाद रात्रि १२.३७ तक वणिज नामकरण है। तदुपरान्त भद्रा प्रारम्भ हो जाएगी।

शुभ विक्रम संवत् : 207४
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 193९
हिजरी संवत् : 143८, मु.मास: जिलहिज-५
अयन : दक्षिणायन
ऋतु : शरद्
मास : भाद्रपद।
पक्ष : शुक्ल।

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज हलप्रवहण का विशाखा नक्षत्र में तथा विवाह का अनुराधा में शुभ मुहूर्त है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से प्रात: ७.४३ तक अमृत, प्रात: ९.१८ से पूर्वाह्न १०.५३ तक शुभ तथा दोपहर बाद २.०३ से सूर्यास्त तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर १२.०३ से दोपहर १२.५३ तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज संतान व दुबड़ी सप्तमी, मुक्ताभरण सप्तमी, मेला देवनारायण जी का तथा ललिता सप्तमी (बंगाल व उड़ीसा में)। चन्द्रमा: चन्द्रमा दोपहर बाद १.३१ तक तुला राशि में, इसके बाद वृश्चिक राशि में रहेगा। दिशाशूल: सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज पश्चिमोत्तर दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद रहेगी। राहुकाल: प्रात: ७.३० से ९.०० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (ते,तो,न,नी,नू) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। दोपहर बाद १.३१ तक जन्मे जातकों की राशि तुला व इसके बाद जन्मे जातकों की जन्म राशि वृश्चिक है। इन सभी का जन्म ताम्रपाद से हुआ है। सामान्यत: ये जातक धनवान, प्रतिभाशील, कलाकार, सुन्दर, लोभी, वाक्-पटु, कुछ क्रोधी, अहंकारी, दंभी और कामासक्त होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग २१-२८ या ३४वें वर्ष में होता है। ये लोग क्रय-विक्रय में बड़े प्रवीण होते हैं। तुला राशि वाले जातकों को आज दूर परे की यात्रा करनी पड़ सकती है। यात्रा लाभदायक रहेगी। नये मित्रों से मेल होगा।

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