आज का पंचांग 06 सितंबर 2018

आज का पंचांग 06 सितंबर 2018

Tanvi Sharma | Publish: Sep, 06 2018 10:33:38 AM (IST) होरोस्कोप

आज का पंचांग 06 सितंबर 2018

ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल

राष्ट्रीय मिति भाद्रपद 15 शक संवत् 1940 भाद्रपद कृष्ण एकादशी बृहस्पतिवार विक्रम संवत् 2075। सौर भाद्रपद मास प्रविष्टे। 21 जिल्हिजा 25 हिजरी 1439 तदनुसार अंग्रेजी तारीख 6 सितंबर सन् 2018 ई॰। दक्षिणायण, उत्तर गोल, शरद ऋतु।

राहुकाल अपराह्न 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक। एकादशी तिथि मध्याह्न 12 बजकर 16 मिनट तक उपरांत द्वादशी तिथि का आरंभ, पुनर्वसु नक्षत्र अपराह्न 3 बजकर 14 मिनट तक उपरांत पुष्य नक्षत्र का आरंभ, वरीयान योग अर्धरात्रोत्तर 1 बजकर 59 मिनट तक उपरांत परिधि योग का आरंभ। बालव करण मध्याह्न 12 बजकर 16 मिनट तक उपरांत तैतिल करण का आरंभ।

आज के मुहर्त- अनुकूल समय में समस्त शुभ कार्यों की शुरूआत करने के लिए शुभ मुहूर्त है।

चंद्रमा प्रातः 9 बजकर 46 मिनट तक मिथुन उपरांत कर्क राशि पर संचार करेगा। आज ही अजा एकादशी व्रत, शनि मार्गी सायं 4 बजकर 36 मिनट, बुध पूर्व में अस्त सायं 6 बजकर 39 मिनट, बुध पूर्व में अस्त सायं 6 बजकर 39 मिनट, सर्वाथ सिद्धि योग।

आज जन्में बच्चे
आज जन्म लिए बच्चों के नाम (ह, ही, हू, हे, हो) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिए बच्चे शरीर से प्रतीभाशाली होंगे। इनकी बुद्धि बहुत तेज होगी। व्यापार में मिट्टी को सोना करने वाले होंगे। दान धर्म में इनका हाथ हमेशा खुल्ला रहेगा।


पंचांग क्या है

पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते ।जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।

Ad Block is Banned