आज का पंचांग 07 सितंबर 2018

आज का पंचांग 07 सितंबर 2018

Tanvi Sharma | Publish: Sep, 07 2018 10:37:28 AM (IST) होरोस्कोप

आज का पंचांग 07 सितंबर 2018

ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल

राष्ट्रीय मिति भाद्रपद 16 शक संवत् 1940 भाद्रपद कृष्ण द्वादशी शुक्रवार विक्रम संवत् 2075। सौर भाद्रपद मास प्रविष्टे। 22 जिल्हिजा 26 हिजरी 1439 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 7 सितम्बर सन् 2018 ई०। दक्षिणायण, उत्तर गोल, शरद ऋतु।

राहुकाल पूर्वाह्न 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक। द्वादशी तिथि प्रातः 9 बजकर 13 मिनट तक उपरांत त्रयोदशी तिथि का आरंभ, पुष्य नक्षत्र मध्याह्न 12 बजकर 56 मिनट तक उपरांत आश्लेषा नक्षत्र का आरंभ, परिधि योग रात्रि 10 बजकर 17 मिनट तक उपरांत शिव योग का आरंभ, तैतिल करण प्रातः 9 बजकर 13 मिनट तक उपरांत विष्टि करण का आरंभ।

आज के मुहर्त- अनुकूल समय में गोवत्स द्वादशी पर्व पर गाय व बछडे़ का पूजन करने के लिए शुभ।

चंद्रमा दिन रात कर्क राशि पर संचार करेगा। आज ही भद्रा अगले दिन तड़के 5 बजकर 59 मिनट से, वत्स द्वादशी (पूजा), प्रदोष व्रत, गण्डमूल मध्याह्न 12 बजकर 56 से, त्रयोदशी तिथि का क्षय।

आज जन्में बच्चे
आज जन्म लिए बच्चों के नाम (हो, डा, डी, डू, डे, डो) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिए बच्चे की मूलशांति अवश्य कराएं। ऐसे जातक शरीर से कृषकाय होंगे। इनकी विचारधारा राजनीति से प्रेरित रहेगी। प्रायः समाज में गतिशील रहेंगे। धनसंपदा सामान्य रहेगी।

पंचांग क्या है

पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते ।जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।

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