मेहनत पर विश्वास, किस्मत से भी कर रहे आस

अंधविश्वास: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए शुभ मुहूर्त देखकर आवेदन कर रहे हैं युवा अभ्यर्थी

By: सुनील शर्मा

Published: 11 Dec 2015, 01:23 PM IST

सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए युवा जी तोड़ मेहनत करने के साथ ही भाग्य और शुभ-अशुभ की धारणा को भी नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं। शिक्षक भर्ती सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन है, लेकिन अभ्यर्थी अपने फार्म मुहूर्त और चोघडि़या देखकर भर रहे हैं। शहर में ई-मित्र संचालकों ने आवेदकों के बताए मुहूर्त के अनुसार गुरुवार सुबह केंद्र खोलकर फार्म सबमिट किए।

वनपाल, वनरक्षक और जेल वार्डन की आवेदन प्रक्रिया हाल ही पूरी हुई, जबकि पटवारी भर्ती आवेदन के अंतिम दिन कई अभ्यर्थियों ने सुबह 6 बजे शुभ, दोपहर 12 बजे लाभ-अमृत के चोघडिय़े में फार्म भरे। अब रीट के लिए भी युवा मुहूर्त निकवा रहे हैं। सूरजपोल, निरंजनी अखाड़ा हनुमान मंदिर के महंत सुरेश गिरी बताते हैं कि इन दिनों युवाओं की आवाजाही बढ़ गई है। कई युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने के लिए मंत्र, सूत्र मांग रहे हैं।

मतलब नहीं है...

पंडित प्रकाश परसाई का कहना है कि पहले प्रतियोगिताएं कुछ लोगों के बीच होती थी। अब हजारों लोगों के बीच होती है। ऐसे में ज्योतिष को आधार मानकर प्रतियोगिता में उतरना वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अनुकूल नहीं रहा। फिर भी मुहूर्त को महत्व देने वालों को सूर्य की होरा या लाभ के चोघडिय़े में आवेदन करना चाहिए। प्रतियोगिता का संबंध सूर्य से है। ऐसे में अभिजीत मुहूर्त और सूर्य के चोघडिए उद्वेग में भी आवेदन किया जा सकता है।

शायद भाग्य खुल जाए

अभ्यर्थी रोशनलाल सालवी, देवीलाल गाडरी और राजेंद्रसिंह देवड़ा ने रीट और पटवारी पद के लिए आवेदन किया। उन्होंने सुबह 8.15 बजे शुभ मुहूर्त देखकर आवेदन किया। देवड़ा का कहना है कि पिछली बार की शिक्षक भर्ती में वे कुछ अंकों से पिछड़ गए थे। उन्होंने मेहनत खूब की, लेकिन सफलता से जुड़ी गतिविधियों को नजर अंदाज कर दिया था। अब इसका ध्यान रख रहे हैं।


सुनील शर्मा
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