लॉकडाउन का असर: दूसरे जिले से होशंगाबाद नहीं पहुंच रही गर्भवती महिलाएं

अस्पताल में 13.5 प्रतिशत डिलेवरी घटी, सिजेरियन ऑपरेशन भी पहले से कम

By: poonam soni

Published: 16 May 2020, 12:20 PM IST

होशंगाबाद. लॉकडाउन के दौरान सिजेरियन डिलेवरी में काफी कमी आई है। कोरोना संक्रमण काल के दो माह मार्च-अप्रेल में जिला अस्पताल में सिर्फ 298 बच्चे ऑपरेशन से हुए हैं। जबकि मार्च-अप्रेल 2019 के दौरान यह संख्या 458 थी। जिला अस्पताल के मेटरनिटी विंग में लॉकडाउन के दौरान माह मार्च-अप्रेल में 691 बच्चों ने जन्म लिया है। लॉकडाउन में प्राइवेट अस्पतालों में प्रसव के लिए गर्भवतियों को नहीं लेने के कारण सिजेरियन की संख्या कम हुई। शासकीय अस्पताल में आने वाले प्रसव में महज 13.7 प्रतिशत ही सिजेरियन हुए। इसे निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम माना जाता है।

लॉकडाउन में बाहरी जिलों से नहीं आ सकी प्रसूताएं
मार्च-अप्रेल में लॉकडाउन के दौरान करीब 13.5 प्रतिशत डिलेवरी घटी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी समीक्षा भी की थी। जिसमें विभाग का कहना था कि संस्थागत प्रसव तो हुए। लेकिन लॉकडाउन में इस बार रायसेन, सीहोर, नरसिंहपुर और हरदा से गर्भवती माताओं का आना कम हुआ है। इन्ही कारणों से डिलेवरी काफी कम हुई।

जिले की स्थिति
क्षेत्र 2019 2020
होशंगाबाद 3517 3040

सिजेरिन की स्थिति
माह 2019 2020
जनवरी 208 170
फरवरी 217 150
मार्च 228 163
अप्रैल 230 135

जिले में इस बार सीजेरियन के आंकड़े कम हो सकते हैं, क्योंकि हमारे यहां ज्यादातर मामले दूसरे जिलों से रैफर होकर आते हैं। अब लॉकडाउन से जो जहां था, वो वहां ही फस गया है। ऐसे में कम लोग प्रसव के लिए पहुंचते हैं।
डॉ सुनीता कामले, स्त्रीरोग विशेषज्ञ

हम भी निरंतर आकलन कर रहे हैं कि लॉकडाउन के दौरान कितना अंतर प्रसव में आया है।
डॉ. दीपक डेहरिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी होशंगाबाद

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