कर्जमाफी..बाइस हजार किसानों को बड़ा झटका

कर्जमाफी..बाइस हजार किसानों को बड़ा झटका
कर्जमाफी..बाइस हजार किसानों को बड़ा झटका

poonam soni | Updated: 09 Oct 2019, 12:35:17 PM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

इन किसानों के डिफॉल्टर सूची में आ गए नाम, कहीं आपका नाम तो नहीं इसमें

होशंगाबाद/ जिले के हजारों किसानों को फसल ऋण माफी योजना ने तगड़ा झटका दिया है। 22 हजार किसान ऋण माफी का इंतजार करते रह गए। उन्हें ऋण माफी तो मिली नहीं बल्कि सहकारी संस्थाआें को बकाया जमा नहीं करना उनके लिए गले का फंदा बन गया है। सहकारी समितियों को बकाया जमा नहीं होने से जिला सहकारी बैंक ने दोनों जिलों के हजारों किसानों को ओवरड्यू सूची में डाल दिए गए हैं। इस सूची में से अब इन किसानों को सहकारी संस्थाओं से खाद मिलने का रास्ता भी बंद हो गया है। इन किसानों को अब बाजार से ही नकद खाद खरीदने मजबूर होना पड़ेगा।

22 हजार किसानों को झटका
होशंगाबाद और हरदा जिले की सहकारी संस्थाओं से जुड़े हुए करीब २२ हजार ऋण माफी के इंतजार में थे। इन किसानों पर उनकी सहकारी संस्थाओं का बकाया था। ऋण माफी की सूची में नाम नहीं आने और बकाया जमा करने की निर्धारित तिथि बीतने से उक्त सभी किसानों को ओवरड्यू सूची में कर दिया गया है।

ऋणमाफी की स्थिति
दोनों जिलों के करीब 1.70 लाख किसानों में से करीब 75 हजार किसानों को ऋण माफी योजना के लिए पात्र पाया गया था। इनमें से करीब 67 हजार 925 किसानों की ऋण माफी स्वीकृत हो गई है। इनमें से करीब 46 हजार 606 किसानों का करीब 132 करोड़ रुपए खाते में आ भी गया है।

जिले में 151 संस्थाएं, 1.70 लाख किसान
होशंगाबाद और हरदा जिले में कुल 151 सहकारी संस्थाएं हैं। इनमें 99 संस्थाएं होश्ंागाबाद और 52 संस्थाएं हरदा में हैं। इन संस्थाओं से करीब 1 लाख 70 हजार किसान जुड़े हैं।

एेसे हुआ नुकसान
पहला नुकसान-ऋण माफी सूची में नहीं आया नाम।
दूसरा नुकसान-बकाया जमा नहीं होने से डिफॉल्टर का तमगा मिलने से हुआ।
तीसरा नुकसान- बकाया पर बढ़ रहा है १५ फीसदी ब्याज।

सहकारी संस्थाआें ने खींचे हाथ
सहकारी संस्थाओं ने बकाया जमा नहीं करने वाले किसानों के ओवरड्यू सूची में आते ही उनसे दूरी बना ली है। संस्थाओं ने उन्हें अपने यहां से खाद देने से मना करना शुरू कर दिया है। अब इन किसानों को बाजार से नगद में ही खाद खरीदने मजबूर होना पड़ेगा।

किसानों को ओवरड्यू करना गलत है। शासन की गलती से किसान ओवरड्यू हुए हैं इसलिए अर्थदंड सरकार को देना चाहिए। ओवरड्यू सूची से किसानों को बाहर कर रेगुलर किया जाना चाहिए और उन्हें खाद, बीज व नगद राशि दी जाना चाहिए।
उदय पांडे, संभागीय उपाध्यक्ष भारतीय किसान संघ

इस मामले में जो भी निर्णय होना है वह शासन स्तर से ही होना है। स्थानीय स्तर पर इस मामले में कुछ नहीं हो सकता है।
आरके दुबे, महाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक होशंगाबाद

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