बुदनी से पथरौटा तक 35 किमी सड़क पर 320 गड्ढे, मुख्यालय की आधा दर्जन सड़कों पर गड्ढों की भरमार के बीच हो रहा खतरनाक सफर

जय हो सरकार: बुदनी से पथरौटा तक 35 किमी सड़क पर 320 गड्ढे, मुख्यालय की आधा दर्जन सड़कों पर गड्ढों की भरमार के बीच हो रहा खतरनाक सफर,
गहरी नींद में पीडब्ल्यूडी अफसर, कागजों में मंजूरी हकीकत कुछ ओर, जिला व संभागीय मुख्यालय की ही आधा दर्जन विभागीय सड़कों के हालत बीते दो से ढाई माह से बेहद खस्ताहाल चल रही है

By: devendra awadhiya

Published: 10 Sep 2021, 05:23 PM IST

होशंगाबाद. जिले में बारिश से खस्ताहाल हुई गड्ढों से भरी सड़कों की मरम्मत नहीं हो पा रही। एक तरफ पीडब्ल्यूडी विभाग कागजों में सड़कों के नवीनीकरण और चौड़ीकरण की मंजूरी दर्शा रहा, वहीं दो माह बाद भी विभागीय अफसर इन गड्ढों को भी नहीं भरवा पा रहे। जिला व संभागीय मुख्यालय की ही आधा दर्जन विभागीय सड़कों के हालत बीते दो से ढाई माह से बेहद खस्ताहाल चल रही है। आलम ये है कि अगर बारिश थमी रहती है और धूप निकलती है तो धूल-बारिक गिट्टी आंखों में भराकर आवागमन में दिक्कतें खड़ी कर देती है और बारिश होने पर गड्ढों में पानी भरा जाने से वाहन निकालना खतरे से खाली नहीं रहता। विभागीय आपसी खींचतान के चलते जिम्मेदार तकनीकी अधिकारी नवीनीकरण-चौड़ीकरण सहित नई मंजूर सड़कों तक की जानकारी भी नहीं दे पा रहे। इस बारे में पीडब्ल्यूडी एसडीओ अरुण महाला कहते हैं कि वह कुछ समय पहले ही यहां आए हैं। इसलिए उन्हें सड़कों की मंजूरी व कार्यों की जानकारी फिलहाल नहीं है। जर्जर सड़कों की मरम्मत, गड्ढों को भरवाने के संबंध में उनका कहना था कि अभी बारिश जारी है। बारिश थमने व धूप निकलने के बाद ही डामरीकरण के कार्य संभव हो सकेंगे।

ये देखिए सड़कों दुर्दशा के हाल
-जिला संभागीय मुख्यालय पर कलेक्टर कार्यालय से लेकर पुलिस कंट्रोल रूम और सेंट्रल जेल जाने वाली सड़क छलनी हो चुकी है। गिट्टियां उखड़कर बिखर रही। डामर की परतें उखड़ चुकी है। इस पर से वाहनों से चलना भी मुश्किल हो रहा है।

-यह है शहर के मुख्य कोठीबाजार से लेकर सब्जी बाजार तक की सड़क इसे वीआईपी कहा जाता है, इसके भी यही हाल है। संकरी सड़क पर से गिट्टी और डामर उखड़ चुका है। बारिश का पानी गड्ढों में जमा होकर आवागमन को बाधित करता है। इस पर दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं।

-सदरबाजार से जुड़े पुराने विजय मेडिकल चौराहे की सड़क गड्ढों में पूरी तरह तब्दील हो चुकी है। इस पर से डामर-गिट्टी के नामोनिशान भी खत्म होते जा रहे। कार-बाइक और स्कूटी वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे। आवागमन को लेकर लोग बेहद परेशान हैं। गड्ढे तक नहीं भर पाए हैं।

शहर के अंडरग्राउंड बायपास से भीमराव अंबेडकर प्रतिमा चौराहे के बाजू से लेकर पुलिया तक की सड़क का नक्शा ही बदल चुका है। यहां भी बेशुमार गड्ढों के साथ ही चौड़ी खाई जैसी स्थिति बन गई है। डामर-गिट्टी गायब हो चुकी है। वाहन दचके खा रहे। इस सड़क की अनदेखी सालों से जारी है।

devendra awadhiya Reporting
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