चुनाव ड्यूटी के नाम से ही इन अधिकारियों के कुछ ऐसे बहाने...सर, मेरी कमर में दर्द है। मुझे चुनाव की ड्यूटी से मुक्त रखा जाए

विधानसभा चुनाव में भी 111 कर्मचारी और अधिकारियों ने दिए थे आवेदन, इनमें से 14 ही अनफिट निकले थे

By: poonam soni

Published: 29 Mar 2019, 11:32 AM IST

होशंगाबाद. सर, मेरी कमर में दर्द है। मुझे चुनाव की ड्यूटी से मुक्त रखा जाए। इस तरह जिले के सवा सौ अधिकारियों-कर्मचारियों ने खुद को हार्ट, एक्सीडेंट, कैंसर, शुगर, बीपी, गंभीर बीमारी, नेत्र, गठिया, कमरदर्द, लकवा आदि बीमारी से पीडि़त होने का बहाना कर लोकसभा चुनाव की ड्यूटी नहीं लगाने की कलेक्टर से अर्जी लगाई है। इनमें से कलेक्टर ने 52 लोगों की अर्जी निरस्त कर दी। 73 लोगों को संदेह होने पर मेडिकल बोर्ड भेजा गया है ताकि जांच के बाद पता चल सके कि वे फिट हैं या नहीं। सबसे ज्यादा बीमारी का बहाना शिक्षा विभाग के लोगों ने बनाया। विधानसभा चुनाव में 911 अधिकारियों-कर्मचारियों ने इसी तरह खुद को बीमार बताया था लेकिन मेडिकल जांच में महज 14 लोग ही अनफिट निकले थे।
लोकसभा चुनाव की ड्यूटी से बचने के लिए 8 मार्च से लेकर 19 मार्च के बीच १२५ से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों ने मेडिकल छुट्टी के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय में अपने आवेदन दिए हैं। कलेक्टर ने 73 आवेदनों को जिला मेडिकल बोर्ड से परीक्षण के लिए भेजकर 29 मार्च को रिपोर्ट बुलाई है। दो दिनों में 19 के ही मेडिकल परीक्षण हो सके हैं। शुक्रवार को शेष अधिकारी-कर्मचारियों के चैकअप होंगे। उन्हें अपनी फिटनेस का भौतिक सत्यापन कराना होगा। मेडिकल बोर्ड से अनफिट होने के बाद ही इनके मेडिकल अवकाश के बारे में विचार होगा। जो कर्मचारी-अधिकारी टेस्ट में फिट पाए जाएंगे उनको चुनावी ड्यूटी करनी पड़ेगी। मेडिकल अवकाश के लिए 40 शिक्षक-प्राचार्य, 2 कॉलेज प्रााध्यापक, 16 बाबू और 9 अधिकारियों ने आवेदन लगाए हैं। पिछले विस चुनाव में भी मेडिकल आधार पर छुट्टी की कोशिशें हुई थी, जिसमें 111 कर्मचारी-अधिकारियों ने आवेदन दिए थे, मेडिकल जांच के बाद इनमें से मात्र 14 ही अनफिट पाए गए थे, बाकी 97 कर्मचारी-अधिकारियों को चुनाव की ड्यूटी पर भेजा गया था।

ज्यादा बहाने बाजी शिक्षा विभाग

लोकसभा चुनाव की ड्यूटी से बचने की सबसे अधिक बहानेबाजी शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारी कर रहे हैं। सबसे अधिक 42 आवेदन हैं। जिनमें जेडी कार्यालय के स्टेनोग्राफर, स्कूलों के प्राचार्य, सहायक शिक्षक, अध्यापक, यूडीटी शामिल हैं। इन्होंने हार्ट, एक्सीडेंट, कैंसर, शुगर, बीपी, गंभीर बीमारी, नेत्र, गठिया, कमरदर्द, लकवा जैसी बीमारी से ग्रसित बताया है।

यह अधिकारी बीमार
कृषि विस्तार अधिकारी सिवनी मालवा श्याम किशोर दुबे को किडनी, सहायक विस्तार अधिकारी होशंगाबाद एसके शर्मा को हृदय रोग, खनिज विभाग के कनिष्ठ प्रबंधक सतेंद्र सिंह शुगर रोग, पीडब्ल्यूडी-पीएचई के उपयंत्री सेरेश जैन को कैंसर व वीके मालवीय पेट की समस्या, जिला सहकारी बैंक पर्यवेक्षक सतीश सिटोके को शुगर, एसबीआई कैशियर सोहागपुर बसंत शर्मा को बीपी, डोलरिया के चिकित्सा अधिकारी उमेश कटारे दुर्घटना ग्रस्त, जिला उप पंजीयक देवेंद्र पुरोहित को कंधे की समस्या और रैसलपुर की प्राचार्य कल्पना बड़कुर को हृदय रोग, केसला के प्राचार्य सुनील सक्सेना को गंभीर बीमारी और सहायक प्राध्यापक पचमढ़ी कॉलेज सीपी शर्मा को हृदय रोग हैं।

लोकसभा चुनाव कार्य में लगाए करीब 125 कर्मचारी-अधिकारियों ने चिकित्सा संबंधी दस्तावेज के साथ विभिन्न कारणों से मेडिकल छुट्टी के लिए आवेदन लगाए हैं। इनमें से 73 के आवेदन सिविल सर्जन जिला अस्पताल को जिला मेडिकल बोर्ड से स्वास्थ्य परीक्षण कराकर रिपोर्ट बुलाई है। जो भी फिट पाए जाएंगे उन्हें चुनाव ड्यूटी पर लगाया जाएगा।
केडी त्रिपाठी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम

16 बाबूओं ने लगाए मेडिकल आवेदन
विभिन्न विभागों के बाबूओं ने भी मेडिकल के आधार पर अपने आवेदन लगाए हैं। जिसमें सहायक ग्रेड 1-2-3, नेत्र सहायक, वरिष्ठ कार्यालय सहायक, टैक्निशियन, रेडियोग्राफर आदि स्तर के कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा सहायक ग्रेड दो राजाराम यादव को लकवा व हृदय रोग, नेत्र सहायक राकेश श्रीवास्तव को स्पाइन, सहायक ग्रेड मीना सक्सेना को रीड की हड्डी में गेप की समस्या है।

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