Lok Sabha election 2019 विधानसभा के चुनाव प्रचार में सक्रिय नेता अब मुंह दिखाई तक हुए सीमित

Lok Sabha election 2019 विधानसभा के चुनाव प्रचार में सक्रिय नेता अब मुंह दिखाई तक हुए सीमित

Sandeep Nayak | Publish: May, 03 2019 02:10:54 PM (IST) | Updated: May, 03 2019 02:10:55 PM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

अपने संसदीय क्षेत्र से दूर दूसरे इलाके में प्रचार कर रहे पदाधिकारी

होशंगाबाद। दो दिन बाद मतदान है। लेकिन अभी भी भाजपा हो या कांग्रेस दोनों ही दलों का चुनाव प्रचार चरम पर नहीं पहुंच सका है। विधानसभा चुनाव में जो नेता पूरी लगन और मेहनत से अपनी पार्टी के प्रचार प्रसार में लगे थे वे अब नदारद हैं या फिर वे दूसरे संसदीय क्षेत्रों में सक्रिय रहकर यहां सिर्फ मुंह दिखाई की रस्म निभा रहे हैं। कुछ अपने-अपने आकाओं के क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं।

कोई गायब है तो कोई रस्म अदायगी में लगा
भाजपा
- पूर्व विधायक गिरिजाशंकर शर्मा: विधानसभा चुनाव में पार्टी ने निष्कासन समाप्त कर वापस लिया था। अपने भाई डॉ. सीतासरण शर्मा के प्रचार में दिन-रात एक किया। गलियों तक में वोट मांगे, अब गायब हैं। वे स्वयं भी टिकट की दावेदारी कर रहे थे। उम्मीदवार तय होने से पहले तक खूब सक्रिय थे।
- जालम सिंह पटेल: जिले के प्रभारी मंत्री रहे। उनके भाई प्रहलाद पटेल यहां से टिकट के दावेदारी कर रहे थे। इस कारण खूब सक्रिय रहे लेकिन अब अपने विधानसभा क्षेत्र तक सीमित हैं। वे यहां के साथ दमोह में भी प्रचार कर रहे हैं। भाई के क्षेत्र पर पूरा ध्यान है इस कारण यहां रस्म अदायगी चल रही है।
- प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पीयूष शर्मा एवं जिला मंत्री अनिल बुंदेला: विधानसभा चुनाव की तरह सक्रिय नहीं।

कांग्रेस
पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा: होशंगाबाद संसदीय क्षेत्र से टिकट के दावेदार थे। उम्मीदवार तय होने से पहले तक खूब सक्रिय रहे। फिर अपने क्षेत्र गाडरवाड़ा तक सीमित हो गए। वे यहां के साथ जबलपुर और भोपाल में भी सक्रिय हैं। यहां पिपरिया में राहुल गांधी की सभा में शामिल होने आए थे।

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी: यहां से दावेदार थे। उन्हें पार्टी ने प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति का मुखिया बना दिया है। वे भोपाल में सक्रिय हैं। यहां राहुल गांधी की सभा में शामिल होने आए थे।
पूर्व मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल: विधानसभा चुनाव में टिकट के दावेदार थे तब सक्रिय रहे। अब भोपाल में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का प्रचार कर रहे हैं। उन्हें भोपाल लोकसभा का मीडिया प्रभारी बनाया गया है।
प्रदेश मीडिया पैनेलिस्ट राजेंद्र सिंह ठाकुर: विधानसभा चुनाव में सक्रिय थे लेकिन अब क्षेत्र से नदारद। पहले उत्तरप्रदेश के सहारनपुर का लोकसभा प्रभारी बनाया। वहां मतदान से एक दिन पहले १० मार्च तक सक्रिय रहे। फिर शिवपुरी जिला प्रभारी बनाया गया। अब वहां प्रचार का काम देख रहे हैं। यहां सिर्फ मुहं दिखाई की रस्म निभा रहे।
जिला प्रवक्ता शिवराज चंद्रोल: रायबरेली में चुनाब प्रबंधन की जिम्मेदारी दी। वे कांग्रेस की चेयरपर्सन के लिए वहां प्रचार कर रहे हैं। यहां सिर्फ चेहरा दिखाने की औपचारिकता निभाई जा रही है।
प्रदेश सचिव राधेश्याम पटेल एवं प्रदेश महामंत्री किसान कांग्रेस कमल रघुवंशी (सिवनी-मालवा): भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के प्रचार कर रहे हैं। यहां पर रस्म अदायगी तक सीमित।

गुटबाजी का भी असर
प्रचार में भाजपा और कांग्रेस में गुटबाजी का भी असर दिख रहा है। अपने ही दल के एक खेमे को तवज्जो मिलने पर दूसरा निष्क्रिय हो जाता है। सिवनी मालवा में ओम प्रकाश रघुवंशी को जिम्मेदारी मिलने पर दूसरा खेता प्रचार में खानापूर्ति तक सीमित हो गया। होशंगाबाद में भाजपा विधायक डॉ सीतासरण शर्मा का खेमा कम सक्रिय है।

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