इस महीनें में रजस्वला स्त्री से बनाए दूरिया, नहीं तो हो सकता है ये....

धर्मभ्रष्ट संस्कारहीन लोगो से भी रहे दूर

By: poonam soni

Published: 16 May 2018, 06:53 PM IST

होशंगाबाद। हिंदू पंचाग के अनुसार अधिकमास की शुरूआत १६ मई यानि आज से हो चुकी है। इसे अधिकमास के साथ ज्येष्ठ का अधिकमास भी कहत है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह महीना भगवान विष्णु को अधिक प्रिय है। इसलिए इसे अधिकमास या पुरूषोत्तम मास कहते है। अधिकमास में ज्यादातर लोग शिवलिंग की भी पूजा करते थे। लेकिन इस अधिकमास की सबसे खास बात यह है कि इस महीने में रजस्वला स्त्री से दूर रहना चाहिए और धर्मभ्रष्ट संस्कारहीन लोगो से संपर्क से भी दूर रहना चाहिए। परस्त्री का भूल कर भी सेवन नहीं करना चाहिए।

 

ज्योतिषाचार्य का कहना है कि इस महीने में ऐसे कई नियम है जिनसे दूर रहना चाहिए। आइए उन नियमों के बारे में हम आपको बताते है। अधिकमास के महीने में गेहूं, चावल, सफेद धान, मूंग, सुपारी, आंवला, सेंधा, शहतूत, सामक, ककड़ी, केला, आम, कटहल, घी आदि चीजों का सेवन करना चाहिए। वहीं कुछ ऐसी चीजे है जिनका सेवन वर्जित है। जैसे मांस, शहद, चौलाई, प्याज, लहसून, नशे की चीजे, दाल, तिल का तेल, दूषित अन्न का त्याग, चमड़े में रखा हुआ पानी इनका त्याग करना चाहिए।

यह भी है कुछ खास बातें
पुरूषोत्तम मास मतलब अधिकमास में जमीन पर सोना, पत्तल पर भोजन करना, शाम को एक वक्त खाना, रजस्वला स्त्री से दूर रहना और धर्मभ्रष्ट संस्कारहीन लोगो से संपर्क नहीं रखना चाहिए। किसी प्राणी से द्रोह नहीं करना चाहिए।

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