मछवासा डेम को मिली प्रशासकीय मंजूरी, 70 लाख रुपए की लागत से बनेगा

नदी में डेम निर्माण से बढेगा जल स्तर

By: pradeep sahu

Published: 24 Jul 2018, 02:05 PM IST

पिपरिया. मछवासा पासा नदी में किया श्रमदान सफल रहा। जनभागीदारी से नदी के संरक्षण संबद्र्धन और डेम निर्माण को योजना एवं सांख्यिकीय विभाग ने प्रशासकीय मंजूरी दे दी है। जनभागीदारी और शासकीय निधि से ७० लाख की लागत से डेम निर्माण कार्य अब आसान होगा। शहर की पुरानी सूख चुकी मछवासा नदी को जीवित करने का नागरिकों का संकल्प सार्थक हो गया। बगैर प्रशासनिक मदद के नदी को जीवित करने १ अप्रैल २०१८ को नागरिकों ने श्रमदान शुरू किया। दो माह की मेहनत के बाद नदी का स्वरुप ही बदल गया। जन सहयोग से राशि एकत्र कर नदी में जल भराव के लिए ८० मीटर डेम के निर्माण की नींव रख इसका काम भी शुरू कर दिया है। करीब ७० लाख की राशि से डेम का निर्माण पूरा होना है। जनसहयोग से मिली राशि से एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी के निर्देशन में डेम निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। जनभागीदारी से प्रशासकीय स्वीकृति नही मिली थी वह भी लगातार प्रयास के बाद स्वीकृति मिल गई है। योजना एवं सांख्यिकी विभाग उप सचिव जितेन्द्र सिंह राजे ने पत्र जारी कर जनभागीदारी से पचास फीसदी राशि डेम निर्माण के निर्धारित प्राक्क्लन अनुसार काम पूर्ण होने पर जारी कर दी है। ७० लाख की राशि में ३८ लाख ९७ हजार मंत्रालय से स्वीकृत हो गई है वही आधी राशि जनभागीदारी से एकत्र कर निर्माण कार्य में लगाई जाएगी। जिले में यह पहला श्रमदान होगा जिससे एक पुरानी नदी जीवित होगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी पिछले दिनों शहर आगमन पर नदी के श्रमदान को देख नागरिकों के हौंसले और श्रमदान को सराहा था। अनेक विभागीय आला अधिकारी भी नदी के कार्य का निरीक्षण कर चुके है।
शहरवासी बने श्रमदानी- नदी को पुर्नजीवित करने १ अप्रैल २०१८ को पूजन के बाद नदी में श्रमदान कार्य प्रारंभ कर दिया था। दो माह तक नदी के गहरीकरण में स्कूली विद्यार्थियों सहित शहर के हर वर्ग, संगठन, समितियों ने श्रमदान कर नदी की तस्वीर बदल डाली। डेम निर्माण का नक्शा बनवाकर ८० मीटर डेम निर्माण का काम भी जनसहयोग से एकत्र राशि से शुरू कर दिया गया। जनभावना को देखते डेम निर्माण को भी प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई जो लंबे समय से अटकी थी।
इनका कहना है

डेम निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। डेम निर्माण तो जनभागीदारी से पहले ही शुुर कर दिया था। बारिश रुकते ही डेम का काम पूरा कराया जाएगा। डेम निर्माण से नदी में पानी भरेगा जिससे जल स्तर में सुधार होगा।
मदन सिंह रघुवंशी, एसडीएम

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